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PPF Loan Rules: खाते पर लोन, आंशिक निकासी और मैच्योरिटी एक्सटेंशन की पूरी गाइड

On: October 12, 2026 6:07 AM
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पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF देश के सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित निवेश विकल्पों में गिना जाता है। टैक्स में छूट, तय ब्याज और सरकार की गारंटी — यही वजह है कि करोड़ों लोग हर साल इसमें पैसा लगाते हैं। लेकिन PPF loan rules को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि अगर बीच में पैसों की सख्त जरूरत पड़ जाए तो क्या होगा? क्या 15 साल तक पैसा पूरी तरह लॉक रहेगा?

दरअसल, ऐसा नहीं है। PPF खाते में पैसा भले ही 15 साल के लिए जमा होता हो, लेकिन सरकार ने बीच में जरूरत पड़ने पर दो रास्ते खोल रखे हैं — लोन की सुविधा और आंशिक निकासी। बस शर्त यह है कि इन दोनों सुविधाओं के अपने नियम और समय-सीमा हैं। नियम समझकर चलें तो PPF आपात स्थिति में भी काम आ सकता है, बिना खाता बंद किए।

PPF Loan Rules: खाते पर लोन कब और कैसे मिलता है

PPF खाते पर लोन खाता खुलने के शुरुआती वर्षों के बाद लिया जा सकता है — आमतौर पर यह सुविधा तीसरे वित्तीय वर्ष से लेकर छठे वित्तीय वर्ष के बीच उपलब्ध रहती है। यानी खाता खुलते ही लोन नहीं मिलता, लेकिन एक तय अवधि बीतने के बाद आप उस समय तक जमा रकम के एक हिस्से तक लोन ले सकते हैं। इस लोन पर लगने वाला ब्याज भी PPF की ब्याज दर से थोड़ा ही अधिक होता है, इसलिए यह बाजार के दूसरे कर्जों के मुकाबले काफी सस्ता पड़ता है।

लोन के लिए बैंक या पोस्ट ऑफिस में निर्धारित फॉर्म भरना होता है, जिसमें रकम और जरूरत की वजह बतानी पड़ती है। लोन को तय समय में चुकाना होता है, और जब तक पुराना लोन चुकता न हो, दोबारा लोन नहीं मिलता।

आंशिक निकासी के नियम क्या हैं

अगर जरूरत लोन से ज्यादा बड़ी है तो PPF में आंशिक निकासी यानी पार्शियल विड्रॉल का विकल्प भी मौजूद है। यह सुविधा खाते के सातवें वित्तीय वर्ष से शुरू होती है। इसके बाद आप हर वित्तीय वर्ष में एक बार कुछ रकम निकाल सकते हैं। निकाली जा सकने वाली रकम उस समय तक जमा राशि के एक तय हिस्से तक सीमित रहती है, ताकि खाते का बड़ा हिस्सा निवेशित बना रहे।

आंशिक निकासी के लिए वजह बतानी पड़ती है — मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की उच्च शिक्षा, घर खरीदना या बनाना और बेटी की शादी जैसे कारण स्वीकार किए जाते हैं। एक वित्तीय वर्ष में एक से ज्यादा बार निकासी नहीं हो सकती। अच्छी बात यह है कि निकाली गई रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता और बाकी पैसा पहले की तरह ब्याज कमाता रहता है।

मैच्योरिटी के बाद खाते को बढ़ाने के विकल्प

15 साल पूरे होने पर PPF खाता मैच्योर हो जाता है। इस समय आपके पास तीन विकल्प होते हैं। पहला — पूरी रकम निकालकर खाता बंद कर दें। दूसरा — बिना कोई नई जमा किए खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाते रहें; इसमें जमा पैसा पहले की तरह ब्याज कमाता रहेगा और आप जरूरत पड़ने पर निकासी भी कर सकेंगे। तीसरा — नई जमा जारी रखते हुए खाते को 5-5 साल के लिए बढ़ाएं।

तीसरे विकल्प के लिए मैच्योरिटी से पहले ही निर्धारित फॉर्म भरकर आवेदन करना होता है। समय पर फॉर्म न भरा तो खाता बिना नई जमा वाले विकल्प में चला जाता है। इसलिए मैच्योरिटी नजदीक आते ही फैसला कर लें।

कुल मिलाकर PPF सिर्फ लंबी अवधि का निवेश नहीं, बल्कि जरूरत के समय काम आने वाला साथी भी है। छोटी जरूरत के लिए लोन, बड़ी जरूरत के लिए आंशिक निकासी और मैच्योरिटी के बाद समझदारी से एक्सटेंशन — यही PPF का स्मार्ट इस्तेमाल है।

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