हर महीने खाते में एक तय रकम आती रहे — रिटायरमेंट के बाद या घर के नियमित खर्चों के लिए इससे बड़ी राहत क्या होगी। दरअसल डाकघर की मासिक आय योजना, यानी Post Office Monthly Income Scheme, ठीक इसी जरूरत के लिए बनाई गई है। यह सरकार समर्थित छोटी बचत योजना है, जिसमें एकमुश्त रकम जमा करने पर हर महीने ब्याज के रूप में आमदनी मिलती है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर, सुरक्षित और नियमित कमाई चाहने वालों के बीच यह स्कीम दशकों से भरोसे का नाम बनी हुई है।
इस स्कीम में आप एक बार पैसा जमा करते हैं और फिर पांच साल तक हर महीने ब्याज पाते हैं। मैच्योरिटी पर जमा की गई पूरी मूल रकम वापस मिल जाती है। ब्याज की दर सरकार तय करती है और समय-समय पर इसकी समीक्षा होती है, इसलिए खाता खोलते समय जो दर लागू होती है, वही पूरे कार्यकाल के लिए मान्य रहती है। सबसे खास बात यह है कि खाता देश के किसी भी डाकघर में खोला जा सकता है और एक डाकघर से दूसरे डाकघर में ट्रांसफर भी किया जा सकता है।
Post Office Monthly Income Scheme: खाता कैसे खुलता है
खाता खोलना बेहद आसान है। भारत का कोई भी वयस्क नागरिक अपने नजदीकी डाकघर में जाकर यह खाता खोल सकता है। नाबालिग के नाम पर भी खाता खुल सकता है, जिसे उसका अभिभावक संचालित करता है। चाहें तो दो या तीन लोग मिलकर जॉइंट खाता भी खोल सकते हैं, जिसमें मिलने वाला ब्याज सभी खाताधारकों में बराबर बंटता है। खाते के लिए पहचान और पते का प्रमाण, पासपोर्ट साइज फोटो और निर्धारित फॉर्म की जरूरत होती है। जमा की न्यूनतम और अधिकतम सीमा सरकार ने तय कर रखी है, और एक व्यक्ति के सभी खातों को मिलाकर यही सीमा लागू होती है।
ब्याज कब और कैसे मिलता है
खाता खुलने के एक महीने बाद से ब्याज मिलना शुरू होता है और फिर हर महीने तय तारीख को यह रकम आपके डाकघर बचत खाते में जमा हो जाती है। अगर आप चाहें तो इस ब्याज को सीधे अपने बैंक खाते में भी ट्रांसफर करवा सकते हैं। एक बात ध्यान रखने वाली है — अगर आप महीने का ब्याज नहीं निकालते हैं, तो उस रुकी हुई रकम पर अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता। यानी यह स्कीम कंपाउंडिंग का फायदा नहीं देती, बल्कि हर महीने नकद आमदनी देने के लिए डिजाइन की गई है। इसलिए यह उन लोगों के लिए आदर्श मानी जाती है, जिन्हें नियमित खर्चों के लिए हर महीने पैसा चाहिए होता है।
मैच्योरिटी और समय से पहले बंद करने के नियम
इस स्कीम की अवधि पांच साल है। पांच साल पूरे होने पर आपकी जमा मूल रकम पूरी की पूरी वापस मिल जाती है, और चाहें तो नया खाता खोलकर स्कीम को आगे भी जारी रख सकते हैं। अब सवाल समय से पहले बंद करने का — नियम के मुताबिक एक साल से पहले खाता बंद नहीं किया जा सकता। एक साल के बाद अगर आपको पैसों की जरूरत पड़े, तो मूलधन से कुछ कटौती के साथ खाता बंद करवाया जा सकता है। कटौती कितनी होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि खाता कितने समय तक चला। इसलिए इस स्कीम में पैसा लगाते समय यह सोचकर चलें कि यह रकम कुछ सालों तक नहीं निकाली जाएगी। आपात स्थिति के लिए अलग से इमरजेंसी फंड रखना हमेशा समझदारी होती है।
कुल मिलाकर पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है, जो जोखिम नहीं लेना चाहते और हर महीने पक्की आमदनी चाहते हैं। मिलने वाले ब्याज पर टैक्स जरूर लगता है, इसलिए अपनी कुल सालाना आय के हिसाब से टैक्स की योजना भी साथ में बना लें। खाता खोलने से पहले नजदीकी डाकघर से मौजूदा नियमों और ब्याज दर की जानकारी जरूर ले लें, ताकि बाद में कोई भ्रम न रहे।















