कार या बाइक का बीमा हर साल रिन्यू कराना एक रूटीन काम लगता है, लेकिन जल्दबाजी में की गई रिन्यूअल कई बार महंगी पड़ जाती है। दरअसल, motor insurance renewal सिर्फ पुरानी पॉलिसी को आगे बढ़ाने का नाम नहीं है, बल्कि अपनी जरूरतों को दोबारा परखने का मौका भी है।
देश में गाड़ी चलाने के लिए थर्ड पार्टी बीमा कानूनी रूप से अनिवार्य है। लेकिन सिर्फ कानूनी औपचारिकता पूरी कर लेना काफी नहीं होता। दुर्घटना, चोरी या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सही कवर ही असली राहत देता है। इसलिए रिन्यूअल के समय पॉलिसी को ठहरकर देखना समझदारी है।
थर्ड पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव बीमा में क्या अंतर है
थर्ड पार्टी बीमा में आपकी गाड़ी से किसी दूसरे व्यक्ति या उसकी संपत्ति को हुए नुकसान का कवर मिलता है। यह सबसे बुनियादी और अनिवार्य कवर है, लेकिन इसमें आपकी अपनी गाड़ी को हुए नुकसान की भरपाई नहीं होती।
असल में कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी थर्ड पार्टी कवर के साथ-साथ आपकी गाड़ी के अपने नुकसान को भी कवर करती है। दुर्घटना, चोरी, आग, बाढ़ या तूफान जैसी स्थितियों में यही काम आती है। नई या कीमती गाड़ी के लिए ज्यादातर लोग इसी विकल्प को चुनते हैं, जबकि बहुत पुरानी गाड़ी के मामले में लोग अक्सर सिर्फ थर्ड पार्टी कवर पर विचार करते हैं।
Motor insurance renewal से पहले ये जांच जरूर करें
सबसे पहले नो-क्लेम बोनस की जांच करें। अगर पिछले साल कोई क्लेम नहीं किया है, तो आपको छूट का फायदा मिलता है, और यह बोनस बीमा कंपनी बदलने पर भी आपके साथ रहता है। गौरतलब है कि कई लोग कंपनी बदलते समय इस बोनस को भूल जाते हैं और बेवजह नुकसान उठाते हैं।
दूसरा, गाड़ी की इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू यानी IDV सही तय हो, यह सुनिश्चित करें। बहुत कम IDV रखने पर क्लेम के समय कम रकम मिलती है, जबकि बहुत ज्यादा IDV से प्रीमियम बढ़ जाता है। बहरहाल, संतुलित IDV ही सही चुनाव माना जाता है।
तीसरा, ऐड-ऑन कवर पर विचार करें। जीरो डेप्रिसिएशन, इंजन प्रोटेक्शन या रोडसाइड असिस्टेंस जैसे ऐड-ऑन जरूरत के हिसाब से उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन हर ऐड-ऑन लेना जरूरी नहीं है — अपनी गाड़ी की उम्र और इस्तेमाल के हिसाब से फैसला करना ही समझदारी है।
ऑनलाइन रिन्यूअल में रखें ये सावधानी
दरअसल, आज ज्यादातर लोग बीमा ऑनलाइन ही रिन्यू कराते हैं। इसमें पॉलिसियों की तुलना करना आसान होता है, लेकिन जल्दबाजी में गलत जानकारी भरने से बचें। रजिस्ट्रेशन नंबर, पिछली पॉलिसी का विवरण और गाड़ी से जुड़ी जानकारी सही-सही दर्ज करें, क्योंकि छोटी सी गलती क्लेम के समय बड़ी परेशानी बन सकती है।
पॉलिसी के नियम और शर्तें, खासकर एक्सक्लूजन, जरूर पढ़ें। किन स्थितियों में क्लेम नहीं मिलेगा, यह पहले से जानना बाद की तकरार से बचाता है। साथ ही पॉलिसी को एक्सपायर होने से पहले ही रिन्यू कराएं, क्योंकि टूटी हुई पॉलिसी को दोबारा शुरू कराने में जांच जैसी अतिरिक्त प्रक्रिया हो सकती है।
कुल मिलाकर, थोड़ा समय निकालकर की गई motor insurance renewal आपकी जेब और मानसिक शांति दोनों की रक्षा करती है। सही कवर, सही IDV और सही जानकारी — बस इन्हीं तीन बातों का ध्यान रखना है।















