यूक्रेन ने रूस के डिजिटल बुनियादी ढांचे पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। लगातार दो दिनों तक यूक्रेनी ड्रोन ने यांडेक्स — रूस की सबसे बड़ी सर्च इंजन कंपनी, जिसे ‘रूस का गूगल’ भी कहा जाता है — के दो डेटा सेंटरों को निशाना बनाया। इस Yandex drone strike के बाद कंपनी के शेयर मॉस्को एक्सचेंज में 4 फीसदी से ज्यादा गिर गए।
पहला हमला 7-8 अक्टूबर की रात को हुआ, जब ड्रोनों ने रियाज़ान क्षेत्र के सासोवो में यांडेक्स के डेटा हब में आग लगा दी। हमले के बाद साइट को पूरी तरह बंद करना पड़ा। दूसरा हमला 9 अक्टूबर को कलुगा क्षेत्र में कंपनी की सबसे बड़ी फैसिलिटी पर हुआ। यांडेक्स ने खुद दोनों हमलों की पुष्टि की है।
Yandex drone strike: सासोवो में सुपरकंप्यूटरों वाला डेटा हब
सासोवो वाला हमला इसलिए भी अहम है क्योंकि इस साइट में कंपनी के तीन में से दो सुपरकंप्यूटर — ल्यापुनोव और चेरवोनेन्किस — रखे गए हैं। ये सुपरकंप्यूटर Nvidia A100 चिप्स पर बने हैं और इनका इस्तेमाल यांडेक्स के AI मॉडल YandexGPT को प्रशिक्षित करने में होता है। हालांकि, यांडेक्स ने यह पुष्टि नहीं की है कि सुपरकंप्यूटरों को खुद नुकसान पहुंचा है या नहीं।
कलुगा में दूसरा हमला, FP-1 ड्रोन का इस्तेमाल
9 अक्टूबर को कलुगा क्षेत्र में कंपनी की सबसे बड़ी फैसिलिटी — जिसकी डिज़ाइन क्षमता 63 मेगावाट है — पर हमला हुआ, जिसमें कई मॉड्यूल बंद हो गए। यूक्रेनी हथियार निर्माता फायरपॉइंट ने कहा कि हमले में उसके FP-1 वन-वे अटैक ड्रोन इस्तेमाल किए गए। दोनों हमलों की खबर के बाद यांडेक्स के शेयर मॉस्को एक्सचेंज में 4 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए।
सेवाएं ठप, हजारों यूज़र्स प्रभावित
हमलों का असर यांडेक्स की क्लाउड सेवाओं पर भी पड़ा। एक स्टार्टअप डेटिंग ऐप — जिसके 8,000 यूज़र्स हैं — अपने बैकअप डेटाबेस तक नहीं पहुंच सका। स्वतंत्र मीडिया आउटलेट मेडुज़ा के मुताबिक, रूसी यूज़र्स को Ivi स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, T-Bank के बैंकिंग ऐप और रशियन रेलवे की वेबसाइट में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यांडेक्स ने कहा है कि उसने ग्राहकों का डेटा शिफ्ट करने में मदद के लिए अन्य क्लाउड प्रदाताओं से समझौता किया है।
कलुगा क्षेत्र में हुए व्यापक हमले में नौ लोग घायल हुए, हालांकि यांडेक्स ने कहा कि डेटा सेंटर में कोई घायल नहीं हुआ। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, ये हमले जवाबी कार्रवाई हैं — सितंबर के आखिर से रूसी ड्रोन यूक्रेनी डेटा सेंटरों पर हमले कर रहे हैं। 2022 में जंग शुरू होने के बाद रूसी डिजिटल बुनियादी ढांचे पर इस पैमाने का यह पहला पुष्ट हमला है। एक अन्य जानकारी के मुताबिक, 8 अक्टूबर को यूक्रेन के स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज ने रूस की सबसे बड़ी ओम्स्क रिफाइनरी पर भी लंबी दूरी के ड्रोनों से दूसरी बार हमला किया था।
विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल बुनियादी ढांचे पर इस पैमाने के हमले जंग के एक नए चरण का संकेत हैं, जहां डेटा सेंटर और AI सुविधाएं भी निशाने पर आ रही हैं। इससे आने वाले दिनों में साइबर मोर्चे पर तनाव और बढ़ने की आशंका है।
यह हमला दिखाता है कि रूस-यूक्रेन जंग अब साइबर और डिजिटल मोर्चे पर भी तेज हो रही है। आने वाले दिनों में रूस की जवाबी कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।















