अमेरिका एक ऐसा कदम उठाने जा रहा है, जैसा वहां के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। पेंटागन ने पुष्टि की है कि 2009 में फोर्ट हूड सैन्य अड्डे पर 13 लोगों की हत्या करने वाले निडाल हसन की फायरिंग स्क्वाड से होने वाली मौत की सजा का लाइव प्रसारण (Fort Hood execution livestream) किया जाएगा। यह पहली बार होगा जब अमेरिकी सेना किसी फायरिंग स्क्वाड वाली सजा को सार्वजनिक रूप से प्रसारित करेगी।
56 वर्षीय निडाल हसन, जो कभी अमेरिकी सेना में मनोचिकित्सक था, को 3 दिसंबर 2026 को टेक्सास के उसी फोर्ट हूड अड्डे पर फायरिंग स्क्वाड के सामने खड़ा किया जाएगा, जहां उसने नवंबर 2009 में एक चिकित्सा भवन के अंदर लेजर-साइट वाली हैंडगन से अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस हमले में 13 लोग मारे गए थे और 32 से ज्यादा घायल हुए थे। गोलीबारी के कुछ हफ्तों बाद ही हसन को अफगानिस्तान तैनात होना था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस की गोली लगने से वह आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो गया था और तब से व्हीलचेयर पर है।
Fort Hood execution livestream: 1945 के बाद पहली फायरिंग स्क्वाड सजा
दरअसल, यह सजा कई मायनों में ऐतिहासिक होगी। हसन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद — 1945 में एडी स्लोविक को भगोड़ेपन के आरोप में मौत की सजा दिए जाने के बाद — फायरिंग स्क्वाड से सजा पाने वाला अमेरिकी सेना का पहला व्यक्ति होगा। साथ ही यह 1961 के बाद अमेरिकी सेना द्वारा दी जाने वाली पहली मौत की सजा भी होगी। अगस्त 2013 में एक सैन्य जूरी ने हसन को पूर्वनियोजित हत्या और हत्या के प्रयास के 45 मामलों में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी।
अमेरिकी सैन्य कानून के तहत फायरिंग स्क्वाड से सजा के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी होती है। पेंटागन के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की सिफारिश पर इस सजा को मंजूरी दे दी है। हेगसेथ इस सजा के सबसे बड़े समर्थक रहे हैं। उन्होंने कहा था कि हसन को उसी जगह, उसी दिन (गुरुवार) और लगभग उसी समय (दोपहर 1 बजे) सजा देना, जब 2009 का हमला हुआ था, एक “नो-ब्रेनर” फैसला था।
“लोगों को देखना चाहिए” — हेगसेथ
असल में इस फैसले की घोषणा खुद हेगसेथ ने की थी। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लोग इसे देख सकें, यह सार्वजनिक होगा। क्योंकि लोगों को समझना चाहिए कि इस तरह की चीजों के गंभीर परिणाम होते हैं।” जब उनसे पूछा गया कि क्या हसन ने कोई आखिरी इच्छा जताई है, तो हेगसेथ ने जवाब दिया, “परवाह नहीं। हम उसे 3 दिसंबर को देखेंगे।” बाद में पेंटागन के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पुष्टि की, “इसका लाइव प्रसारण होगा। विवरण बाद में दिए जाएंगे।”
बताया जा रहा है कि मीडिया पहले भी अमेरिकी सजाओं का टेलीविजन प्रसारण चाहता रहा है, लेकिन अदालतों ने हर बार रोक लगा दी। विशेषज्ञों के मुताबिक, दुनिया में कोई भी देश कानूनी सजा का टेलीविजन या लाइव प्रसारण नहीं करता। अमेरिका में आखिरी कानूनी सार्वजनिक सजा 1936 में दी गई थी। बहरहाल, यह फैसला ऐसे समय में आया है जब टेनेसी में क्रिस्टा पाइक की नाकाम घातक इंजेक्शन सजा के बाद अमेरिका में मौत की सजा को लेकर बहस तेज हो गई है।















