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Christa Pike Execution: मौत की सजा से बची महिला अब सहारे से चलने लगी, टेनेसी की नाकाम सजा ने छेड़ी बहस

On: October 9, 2026 5:23 PM
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अमेरिका के टेनेसी राज्य में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। घातक इंजेक्शन से मौत की सजा देने की नाकाम कोशिश के एक हफ्ते बाद, 50 वर्षीय क्रिस्टा पाइक अब अस्पताल में सहारे से चलने और खाने लगी है। उनके वकीलों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। Christa Pike execution की यह नाकाम कोशिश अब अमेरिका में मौत की सजा के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

पाइक को 30 सितंबर को पेंटोबार्बिटल की दो खुराकें दी गई थीं, लेकिन दवा उन्हें मार नहीं पाई। उनके वकीलों के मुताबिक, इससे उनकी बाहों में जलन और छाले पड़ गए। अस्पताल में भर्ती होने के शुरुआती दिनों में वह बेहोश थीं और वेंटिलेटर पर थीं। बुधवार को उन्होंने “सीमित” कदम बढ़ाए और गुरुवार को कुछ सहायता के साथ चलीं। वह अपनी बाहों में हलचल भी वापस पा रही हैं और पहली बार खाना खा पाईं। हालांकि, वकीलों ने चेतावनी दी है कि उनके शारीरिक स्वास्थ्य और कानूनी स्थिति दोनों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

ब्रेन-डेड समझा गया था, फिर बोलीं — “मैं कहां हूं?”

दरअसल, इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि सोमवार को वकीलों को बताया गया था कि पाइक ब्रेन-डेड हो चुकी हैं और उन्हें लाइफ सपोर्ट से हटाने की तैयारी थी। लेकिन अगले ही दिन वह जाग गईं और बोलने लगीं। उनके एक वकील रैंडी स्पाइवी के मुताबिक, उनके पहले शब्द थे — “मैं कहां हूं?” और “तुम कौन हो?” शुरुआत में वह भ्रमित थीं, लेकिन धीरे-धीरे सजा की कोशिश की बातें याद करने लगीं।

अब वह नियमित आहार ले रही हैं और उनके फेफड़े साफ हैं। हालांकि, पहले उन्हें निमोनिया और खून का थक्का भी हुआ था, और कुछ समय तक वह अपनी बाहें या हाथ हिला नहीं पा रही थीं। वकीलों का कहना है कि एकाग्रता और याददाश्त में दिक्कतें बनी हुई हैं, और यह जानने में महीनों लग सकते हैं कि क्या उन्हें स्थायी संज्ञानात्मक चोट पहुंची है।

Christa Pike execution case: 1995 का मामला और कानूनी उलझन

असल में पाइक को 1995 में अपनी सहपाठी कोलीन स्लेमर की पीट-पीटकर और चाकू मारकर हत्या के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी। अब सवाल यह है कि एक बार सजा देने की कोशिश नाकाम होने के बाद उनकी कानूनी स्थिति क्या होगी। 7 अक्टूबर को एक जज ने टेनेसी राज्य को आदेश दिया कि नाकाम सजा के दौरान कमरे में मौजूद हर चीज को सुरक्षित रखा जाए, क्योंकि उनके वकील मामले को आगे बढ़ा रहे हैं।

इसी बीच टेक्सास ने बुधवार को एक अन्य कैदी की सजा को अंजाम दिया — टेनेसी की नाकाम कोशिश के बाद अमेरिका में यह पहली सफल सजा थी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पाइक के मामले में अदालत को यह तय करना होगा कि नाकाम सजा के बाद राज्य दोबारा सजा दे सकता है या नहीं।

बताया जा रहा है कि यह घटना अमेरिका में मौत की सजा के तरीकों पर नई बहस छेड़ चुकी है। पेंटागन द्वारा फोर्ट हूड शूटर की फायरिंग स्क्वाड सजा के लाइव प्रसारण की घोषणा के बीच यह मामला और भी सुर्खियों में है। वकीलों ने कहा, “उनका शारीरिक स्वास्थ्य उल्लेखनीय रूप से सुधरा है, लेकिन जो कुछ उन्होंने झेला — मौत का आतंक, दर्द और अनिश्चितता — उसका मनोवैज्ञानिक आघात गहरा है।” बहरहाल, डॉक्टरों का कहना है कि दीर्घकालिक असर के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।

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