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Nobel Prize 2026: चिकित्सा, भौतिकी और रसायन के बाद साहित्य का नोबेल कनाडा की एनी कार्सन को; अब शांति पुरस्कार की बारी

On: October 8, 2026 10:30 PM
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स्टॉकहोम में इस हफ्ते विज्ञान और साहित्य की दुनिया का सबसे बड़ा जश्न अपने चरम पर है। नोबेल सप्ताह 2026 के तहत अब तक चार श्रेणियों के पुरस्कारों की घोषणा हो चुकी है — चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान और साहित्य — और हर एलान ने मानव ज्ञान की किसी न किसी सीमा को आगे बढ़ाने वाली खोजों को सुर्खियों में ला दिया है। (Nobel Prize 2026)

दरअसल, नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की यह परंपरा हर साल अक्टूबर के पहले हफ्ते में निभाई जाती है। इस बार 5 अक्टूबर को चिकित्सा, 6 को भौतिकी, 7 को रसायन विज्ञान और 8 अक्टूबर को साहित्य के विजेताओं के नाम सामने आए। भारतीय समय के हिसाब से ये घोषणाएं दोपहर बाद होती हैं। अब 9 अक्टूबर को शांति पुरस्कार और 12 अक्टूबर को अर्थशास्त्र के नोबेल की घोषणा होगी।

Nobel Prize 2026 Medicine: रोशनी से दिमाग को नियंत्रित करने की तकनीक रोशनी से दिमाग को नियंत्रित करने की तकनीक

5 अक्टूबर को चिकित्सा या शरीरक्रिया विज्ञान का नोबेल तीन वैज्ञानिकों — अमेरिका के कार्ल डेइसेरोथ, जर्मनी के पीटर हेगेमान और जॉर्ग नागेल — को मिला। इन्हें ऑप्टोजेनेटिक्स और लाइट-गेटेड आयन चैनलों की खोज के लिए सम्मानित किया गया। सीधे शब्दों में कहें तो इन वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे प्रकाश की मदद से तंत्रिका कोशिकाओं की गतिविधि को नियंत्रित किया जा सकता है।

बताया जा रहा है कि इस तकनीक ने तंत्रिका विज्ञान के अध्ययन में क्रांति ला दी है। अब शोधकर्ता यह समझ पा रहे हैं कि दिमाग की अलग-अलग कोशिकाओं के सक्रिय होने से डर, चिंता और प्यास जैसे जटिल व्यवहार कैसे जुड़े हैं — और वह भी पहले से कहीं ज्यादा सूक्ष्म स्तर पर। शोधकर्ता यह भी जांच रहे हैं कि क्या यह तकनीक दृष्टि बाधित लोगों की नजर वापस लाने में मदद कर सकती है।

भौतिकी का नोबेल: अंटार्कटिक की बर्फ में ब्रह्मांड का संदेश पकड़ने वाले फ्रांसिस हल्ज़ेन

6 अक्टूबर को भौतिकी का नोबेल बेल्जियम मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक फ्रांसिस हल्ज़ेन को मिला, जो विस्कॉन्सिन-मैडिसन विश्वविद्यालय से जुड़े हैं। उन्हें आइसक्यूब न्युट्रिनो वेधशाला में निर्णायक योगदान और अंतरिक्ष से आने वाले उच्च-ऊर्जा न्युट्रिनो की खोज के लिए चुना गया। असल में, हल्ज़ेन ने ही यह विचार दिया था कि अंटार्कटिका की बर्फ के नीचे एक विशाल डिटेक्टर बनाकर इन रहस्यमयी कणों को पकड़ा जा सकता है।

गौरतलब है कि न्युट्रिनो ऐसे कण हैं जो ब्रह्मांड की सबसे हिंसक घटनाओं — जैसे दूरस्थ आकाशगंगाओं के केंद्रों में होने वाले विस्फोटों — से पैदा होते हैं। आइसक्यूब ने वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के सबसे चरम वातावरणों की जांच का एक नया तरीका दिया है, जिसे न्युट्रिनो खगोलविज्ञान का नया युग कहा जा रहा है।

रसायन और साहित्य: दर्पण-अणुओं का रहस्य और एनी कार्सन की कलम

7 अक्टूबर को रसायन विज्ञान का नोबेल फ्रांस के हेनरी बी. कागान और जापान के केंसो सोआई को संयुक्त रूप से मिला। दोनों को असममित कार्बनिक संश्लेषण में नॉन-लीनियर प्रभावों और ऑटोकैटालिसिस की खोज के लिए सम्मानित किया गया। इनके काम ने समझाया कि रासायनिक अभिक्रियाएं अणुओं के दो दर्पण-प्रतिबिंब रूपों में से एक को तरजीह क्यों देती हैं — एक ऐसी घटना जो दवाओं के डिज़ाइन में बेहद अहम है, क्योंकि एक ही अणु के दो रूपों में से एक असरदार दवा हो सकती है और दूसरा बेअसर।

वहीं 8 अक्टूबर को स्वीडिश अकादमी ने साहित्य का नोबेल कनाडा की लेखिका एनी कार्सन को देने की घोषणा की। उन्हें उनके साहसी और आविष्कारशील साहित्यिक कार्य के लिए चुना गया, जिसने शास्त्रीय परंपरा के साथ रचनात्मक संवाद करते हुए समकालीन साहित्य के नए रूप गढ़े हैं।

अब सबकी निगाहें 9 अक्टूबर को नॉर्वेजियन नोबेल समिति द्वारा घोषित होने वाले शांति पुरस्कार और 12 अक्टूबर को अर्थशास्त्र के नोबेल पर टिकी हैं। सभी विजेताओं को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में पदक और प्रशस्ति पत्र सौंपे जाएंगे, जिसके बाद परंपरागत नोबेल भोज का आयोजन होगा।

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