मिनियापोलिस। मिनेसोटा ने शनिवार को हंटिंगटन बैंक स्टेडियम में मिशिगन को 20-14 से हराकर 49 साल का सूखा खत्म कर दिया। यह 1977 के बाद मिनेसोटा की अपने घर में मिशिगन पर पहली जीत है। साथ ही गोल्डन गोफर्स ने 2014 के बाद पहली बार लिटिल ब्राउन जग ट्रॉफी भी अपने नाम की।
पहले हाफ में मिशिगन 14-7 से आगे था, लेकिन दूसरे हाफ में वॉल्वरीन्स एक भी अंक नहीं बना सके। मिनेसोटा ने दूसरे हाफ में लगातार 13 अंक बनाकर मैच पलट दिया।
दूसरे हाफ में बिखरा मिशिगन
मिशिगन के क्वार्टरबैक ब्राइस अंडरवुड का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। उन्होंने 21 में से सिर्फ 10 पास पूरे किए और महज 101 गज बनाए। मिशिगन का एक टचडाउन तो 79 गज के इंटरसेप्शन रिटर्न पर आया, यानी ऑफेंस ने खुद सिर्फ 7 अंक बनाए।
दूसरे हाफ में मिशिगन के तीन टर्नओवर ने मैच का रुख बदल दिया। ड्रेक लिंडसे ने चौथे क्वार्टर की शुरुआत में डेरियस टेलर को गो-अहेड टचडाउन पास दिया। एडन वेस्ट और जैक हार्डन के इंटरसेप्शन ने भी जीत में अहम भूमिका निभाई।
फ्लेक बोले- हर फेज में दबदबा
मिनेसोटा के कोच पीजे फ्लेक ने कहा, “मुझे लगा कि हमने हर फेज में दबदबा बनाया।” टीम का रिकॉर्ड अब 4-1 (बिग टेन में 2-0) हो गया है। इससे पिछले सप्ताह मिनेसोटा ने वॉशिंगटन को भी हराया था।
मिशिगन पर संकट गहराया
यह मिशिगन (3-2, बिग टेन में 0-2) की लगातार दूसरी हार है। इससे पिछले सप्ताह टीम आयोवा से 20-19 से हारी थी। वॉल्वरीन्स अपने पांच में से चार मैचों में 20 अंक भी नहीं बना सके हैं।
पहले साल के कोच काइल व्हिटिंघम ने कहा, “यह मेरे 40 साल के करियर की सबसे बड़ी चुनौती है।” उन्होंने ऑफेंसिव कोऑर्डिनेटर जेसन बेक के साथ “कठिन फैसले” लेने की बात कही। बेक इस साल जनवरी में यूटा से व्हिटिंघम के साथ मिशिगन आए थे।









