नई दिल्ली: बेटियों के सुरक्षित और आर्थिक रूप से सुदृढ़ भविष्य के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की लोकप्रिय बचत योजना — सुकन्या समृद्धि योजना — को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही हेतु इस योजना की ब्याज दर 8.2 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है। वित्त मंत्रालय प्रत्येक तीन माह में छोटी बचत योजनाओं की दरों की समीक्षा करता है, हालांकि समीक्षा का यह अर्थ नहीं कि दरें हर बार बदलेंगी ही। सरकार ने अंतिम बार दिसंबर 2024 की समीक्षा में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन किया था।
खाता खोलने के नियम
यह योजना बेटी के नाम पर खाता खोलने का अवसर देती है। दस वर्ष से कम आयु की बेटी के नाम पर यह खाता खोला जा सकता है और एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों हेतु खाते खोले जा सकते हैं। खाते में प्रतिवर्ष न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। खाता खुलने के बाद 15 वर्षों तक जमा किया जाता है और खाता 21 वर्ष में परिपक्व होता है, जिससे बेटी की पढ़ाई अथवा विवाह के समय एकमुश्त बड़ी धनराशि प्राप्त होती है।
ब्याज गणना का तरीका
ब्याज की गणना के नियमों को समझना भी आवश्यक है। खाते में ब्याज की गणना प्रत्येक माह की 5 तारीख के अंत से लेकर माह के अंतिम दिन के बीच मौजूद न्यूनतम शेष राशि पर की जाती है। इसलिए माह की 5 तारीख से पहले जमा करना लाभदायक रहता है। ब्याज वार्षिक चक्रवृद्धि आधार पर जुड़ता है, जो लंबी अवधि में राशि को कई गुना बढ़ा देता है।
यदि किसी वर्ष न्यूनतम 250 रुपये जमा नहीं किए जाते तो खाता डिफॉल्ट हो जाता है, लेकिन 50 रुपये के जुर्माने के साथ इसे पुनः सक्रिय कराया जा सकता है। बेटी के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर पढ़ाई के व्यय हेतु जमा राशि का 50 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है।
टैक्स छूट का लाभ
कर के दृष्टिकोण से भी यह योजना आकर्षक है — जमा राशि, ब्याज और परिपक्वता राशि तीनों पर कर छूट मिलती है। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर वर्तमान में छोटी बचत योजनाओं में सर्वाधिक में से एक है, जो बैंक एफडी से भी अधिक है। बेटी के भविष्य हेतु दीर्घकालिक बचत करने वाले परिवारों के लिए यह योजना एक सुरक्षित और विश्वसनीय विकल्प बनी हुई है।









