नई दिल्ली/गुरुग्राम: दिल्ली-गुरुग्राम के बीच यात्रा करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। गुरुग्राम के शंकर चौक और साइबर सिटी के आसपास रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से जल्द छुटकारा मिल सकता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने यातायात व्यवस्था सुधारने हेतु दो नए सड़क ढांचों के निर्माण को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। खास बात यह है कि इन दोनों परियोजनाओं का निर्माण DLF अपने खर्च पर करेगा और इनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 300 करोड़ रुपये है।
पहला प्रोजेक्ट: 600 मीटर अंडरपास
पहली परियोजना करीब 600 मीटर लंबा और तीन लेन का राइट-टर्न अंडरपास है, जो मौलसरी एवेन्यू रोड को NH-8 के समीप जोड़ेगा। इससे DLF फेज-3 से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन साइबर सिटी के पास मौजूदा यू-टर्न फ्लाईओवर का उपयोग किए बिना सीधे NH-8 की ओर जा सकेंगे, जिससे शंकर चौक पर यातायात का दबाव घटेगा।
दूसरा प्रोजेक्ट: 1.3 किमी लंबा फ्लाईओवर
दूसरी परियोजना NH-8 की सर्विस रोड के साथ लगभग 1.3 किलोमीटर लंबा और छह लेन का फ्लाईओवर है, जो एंबिएंस मॉल के पास के यू-टर्न अंडरपास से साइबर सिटी की दिशा में बनेगा। इसमें रैंप भी होंगे, जिससे साइबर सिटी, उद्योग विहार, सिकंदरपुर और DLF फेज-3 जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।
वर्तमान में DLF फेज-3 से दिल्ली जाने वाले वाहनों को साइबर सिटी के पास यू-टर्न लेकर शंकर चौक की ओर आना पड़ता है, जहां उद्योग विहार, गोल्फ कोर्स रोड और इफ्को चौक से आने वाला यातायात भी जुड़ता है। प्रस्तावित अंडरपास DLF फेज-3 के ट्रैफिक को इस मुख्य प्रवाह से अलग कर देगा।
DLF के डाउनटाउन प्रोजेक्ट से जुड़ी योजना
DLF ने यह योजना इसलिए भी प्रस्तावित की क्योंकि उसके 35 एकड़ के डाउनटाउन प्रोजेक्ट से आवाजाही बढ़ने की संभावना है — पहले चरण की तीन ऑफिस बिल्डिंग बन चुकी हैं और दूसरे चरण में मॉल व चार ऑफिस बिल्डिंग का निर्माण जारी है। NHAI ने निर्माण के दौरान सुरक्षा हेतु DLF पर कई शर्तें लगाई हैं — प्रशिक्षित ट्रैफिक मार्शल, फ्लैगमैन और समर्पित सेफ्टी ऑफिसर की तैनाती के साथ-साथ रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइन, कोन, ब्लिंकर और क्रैश बैरियर जैसे यातायात नियंत्रण उपकरण लगाना अनिवार्य होगा। दोनों परियोजनाएं पूर्ण होने के बाद साइबर सिटी और गुरुग्राम के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में आने-जाने वालों को जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।









