अल्मोड़ा। उत्तराखंड की शांत वादियों में बसे अल्मोड़ा का डोल आश्रम शुक्रवार को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। मौका था श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम न्यास द्वारा आयोजित ‘श्री पीठम स्थापना महोत्सव’ का, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल एक राजकीय यात्रा नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा का संगम दिखा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया, बल्कि 1100 कन्याओं का पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद भी मांगा।
दरअसल, डोल आश्रम अपनी आध्यात्मिक शक्ति और वहां स्थापित दुनिया के सबसे बड़े श्रीयंत्र के लिए विश्व प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को यहां पहुँचकर सबसे पहले माँ राजेश्वरी का विधि-विधान से अभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने आश्रम परिसर में एक साथ बैठी 1100 कन्याओं का पूजन किया, जो बेहद मनमोहक दृश्य था। मुख्यमंत्री ने कन्याओं को तिलक लगाकर और उपहार भेंट कर उनका सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देवभूमि की बेटियों में साक्षात देवी का वास होता है और उनका पूजन करना सौभाग्य की बात है।
आध्यात्मिक चेतना का वैश्विक केंद्र बनता डोल आश्रम
आश्रम परिसर का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री धामी वहां की व्यवस्थाओं और आध्यात्मिक माहौल से काफी प्रभावित दिखे। उन्होंने विशेष रूप से वहां स्थापित विशाल श्रीयंत्र के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अद्भुत श्रीयंत्र के सामने खड़े होकर एक अलग ही शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बाबा कल्याणदास जी की दशकों की कठिन साधना और तपस्या का ही परिणाम है कि आज डोल आश्रम वैश्विक मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान बना चुका है।
असल में, यह आश्रम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शिक्षा और सांस्कृतिक चेतना का एक बड़ा केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री ने बाबा कल्याणदास के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके माध्यम से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का प्रचार-प्रसार हो रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे स्थान हमारे राज्य की रीढ़ हैं, जो देश-विदेश के श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
आध्यात्मिक पर्यटन: चारधाम यात्रा और नई सुविधाएं
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के ‘आध्यात्मिक पर्यटन’ के विजन को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सरकार प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बताया जा रहा है कि सरकार का लक्ष्य केवल बड़े तीर्थस्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि डोल आश्रम जैसे शांत और आध्यात्मिक केंद्रों को भी पर्यटन सर्किट से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि हर साल बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने स्थानीय लोगों और प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता सरकार की प्राथमिकता है। उनके अनुसार, आध्यात्मिक पर्यटन बढ़ने से न केवल संस्कृति का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
दिग्गजों की मौजूदगी और उत्सव का माहौल
इस भव्य आयोजन में राजनीति और प्रशासन की कई बड़ी हस्तियां भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने भी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। स्थानीय विधायक मोहन सिंह मेहरा और मनोज तिवारी के अलावा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही जिलाधिकारी अंशुल सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के सहित प्रशासन की पूरी टीम मुस्तैद रही।
महोत्सव के अंत में मुख्यमंत्री ने बाबा कल्याणदास का आभार जताते हुए कहा कि डोल आश्रम जैसी पवित्र जगह पर आकर उन्हें नई ऊर्जा मिली है। कार्यक्रम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ यह बताने के लिए काफी थी कि पहाड़ों में अध्यात्म की जड़ें कितनी गहरी हैं। समारोह का समापन शांति पाठ और प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने हिस्सा लिया।
