देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने सरकारी आवास पर एक बेहद खास और प्रेरणादायक कार्यक्रम की मेजबानी की। मौका था ‘प्रखर छात्रवृत्ति योजना 2025’ के तहत उन मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने का, जिन्होंने तमाम अभावों के बावजूद अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। दरअसल, ये वो बच्चे हैं जिनके माता-पिता रोज सुबह कड़ाके की ठंड हो या मूसलाधार बारिश, हमारे घरों तक अखबार पहुंचाते हैं। दैनिक जागरण समूह द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अखबार वितरण करने वाले एजेंटों के परिवारों से ताल्लुक रखने वाले इन होनहारों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित इस सम्मान समारोह का माहौल काफी भावुक और गर्व से भरा था। सीएम धामी ने एक-एक कर बच्चों से मुलाकात की और उनकी सफलता की कहानी सुनी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि प्रतिभा किसी सुख-सुविधा की मोहताज नहीं होती। इन बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और अनुशासन साथ हो, तो सफलता खुद-ब-खुद कदम चूमती है। असल में, ये बच्चे न केवल अपने माता-पिता के सपनों को पंख लगा रहे हैं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल पेश कर रहे हैं।
संघर्ष से सफलता तक: अभिभावकों के त्याग को सलाम
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान न सिर्फ छात्रों की तारीफ की, बल्कि उनके माता-पिता के कड़े संघर्ष को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एक अखबार वितरक का जीवन बेहद अनुशासन और मेहनत भरा होता है। आधी रात के बाद जब दुनिया सो रही होती है, तब ये लोग अपने काम पर निकल जाते हैं। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, “आज ये बच्चे जिस मुकाम पर खड़े हैं, उसके पीछे उनके माता-पिता का वर्षों का त्याग और तपस्या छिपी है। संसाधनों की कमी को कभी उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया, यह सबसे बड़ी जीत है।”
बताया जा रहा है कि सम्मानित होने वाले अधिकतर बच्चे साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन उनके अंक और उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां किसी बड़े निजी स्कूल के छात्र से कम नहीं हैं। सीएम ने अभिभावकों से मुखातिब होते हुए कहा कि समाज को ऐसे परिवारों से प्रेरणा लेनी चाहिए जो मेहनत की कमाई से देश का भविष्य गढ़ रहे हैं।
शिक्षा और नवाचार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
प्रखर छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने की इस पहल को मुख्यमंत्री ने सराहा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को शिक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य बनाना है। इसके लिए शिक्षा प्रणाली में निरंतर सुधार और नए प्रयोग किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, “मेधावी विद्यार्थियों को सही समय पर प्रोत्साहन मिलना बहुत जरूरी है। जब सरकार और संस्थान मिलकर ऐसे बच्चों का हाथ थामते हैं, तो वे समाज के विकास में अपना अहम योगदान देने के लिए तैयार होते हैं।”
उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्यों को कभी छोटा न समझें और निरंतर प्रयास करते रहें। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार हर उस बच्चे के साथ खड़ी है जो मेहनत करना जानता है। शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से आर्थिक बाधाओं को दूर करने का प्रयास भी किया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी
इस गरिमामयी कार्यक्रम में महानिदेशक (सूचना) श्री बंशीधर तिवारी सहित दैनिक जागरण समूह के कई वरिष्ठ अधिकारी और संपादक मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी बच्चों की मेहनत की सराहना की और बताया कि किस तरह ‘प्रखर छात्रवृत्ति’ के जरिए जमीनी स्तर पर जुड़े परिवारों के बच्चों को आगे लाया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाई।
आज का यह कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए एक संदेश था जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देख रहे हैं। मुख्यमंत्री की ओर से मिला यह सम्मान इन बच्चों के करियर में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो उन्हें भविष्य में और बेहतर करने की ऊर्जा देगा।
