डाकघर की बचत योजनाओं पर आज भी करोड़ों भारतीयों का भरोसा कायम है, और इनमें सबसे लोकप्रिय नामों में National Savings Certificate यानी एनएससी का नाम सबसे ऊपर आता है। यह केंद्र सरकार की एक छोटी बचत योजना है, जो सुरक्षित निवेश के साथ तय ब्याज का भरोसा देती है। जो लोग शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित जगह रखना चाहते हैं, उनके लिए एनएससी एक आजमाया हुआ विकल्प है।
एनएससी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेश की अवधि पहले से तय होती है। एक बार निवेश करने के बाद आपको पांच साल तक धैर्य रखना होता है, लेकिन बदले में आपको हर साल चक्रवृद्धि आधार पर ब्याज का लाभ मिलता है। दरअसल, इस योजना में ब्याज सालाना जुड़ता है और मैच्योरिटी पर मूलधन के साथ कुल राशि एक साथ मिलती है। यही वजह है कि इसे अनुशासित बचत की आदत डालने वाली योजना भी कहा जाता है।
National Savings Certificate में निवेश कैसे करें
एनएससी में निवेश करना बेहद आसान है। देश के किसी भी डाकघर में जाकर इसका खाता खोला जा सकता है। खाता किसी एक व्यक्ति के नाम पर, संयुक्त नाम पर या नाबालिग बच्चे के नाम पर भी खोला जा सकता है। निवेश की शुरुआत छोटी रकम से की जा सकती है, इसलिए छोटे बचतकर्ताओं के लिए भी यह योजना सुलभ है। खाता खोलते समय पहचान और पते का प्रमाण देना होता है, और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होती है।
एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि एनएससी सर्टिफिकेट एक बार खरीदने के बाद उसे बीच में बेचा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता, सिवाय कुछ खास परिस्थितियों के। इसलिए निवेश से पहले यह पक्का कर लें कि पांच साल तक इस रकम की जरूरत नहीं पड़ेगी। जल्दबाजी में लिया गया फैसला बाद में परेशानी का कारण बन सकता है।
ब्याज और टैक्स का पूरा गणित समझिए
एनएससी पर मिलने वाली ब्याज दर सरकार द्वारा तय की जाती है और समय-समय पर इसकी समीक्षा होती है। ब्याज हर साल मूलधन में जुड़ता जाता है, जिससे चक्रवृद्धि का फायदा मिलता है। हालांकि एक महत्वपूर्ण बात यह है कि हर साल जुड़ने वाला ब्याज कर योग्य आय माना जाता है, भले ही वह आपको नकद न मिला हो। इस पहलू को बहुत से निवेशक नजरअंदाज कर देते हैं।
अच्छी खबर यह है कि इस योजना में किया गया निवेश आयकर की एक खास धारा के तहत कटौती का लाभ देता है। यानी एक तय सीमा तक के निवेश पर आपको टैक्स में छूट मिल सकती है। लेकिन मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल राशि पर लागू टैक्स नियमों को समझना भी जरूरी है, इसलिए बड़े निवेश से पहले कर सलाहकार से सलाह लेना समझदारी होगी।
किन निवेशकों के लिए सबसे उपयुक्त है एनएससी
यह योजना उन लोगों के लिए आदर्श है जो जोखिम से बचना चाहते हैं और गारंटीड रिटर्न की तलाश में हैं। नौकरीपेशा लोग, छोटे व्यापारी और सेवानिवृत्त व्यक्ति अपनी बचत का एक हिस्सा इसमें सुरक्षित रख सकते हैं। बच्चों की पढ़ाई या शादी जैसे भविष्य के लक्ष्यों के लिए भी पांच साल की यह अवधि उपयुक्त बैठती है।
कुल मिलाकर National Savings Certificate सुरक्षा, सरलता और अनुशासन का एक भरोसेमंद मेल है। अगर आप अपनी बचत को सरकारी गारंटी के साथ बढ़ाना चाहते हैं और पांच साल तक धैर्य रख सकते हैं, तो एनएससी पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है। यह योजना धीमी लेकिन पक्की ग्रोथ चाहने वालों के लिए बनी है।















