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Chris Pappas: फेस द नेशन पर बोले — न्यू हैम्पशायर सीनेट रेस ‘टफ’, ‘कुछ भी गारंटी नहीं’

On: October 12, 2026 6:07 AM
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अमेरिका में नवंबर के मिडटर्म चुनावों से पहले न्यू हैम्पशायर की सीनेट रेस सुर्खियों में है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार Chris Pappas ने रविवार, 11 अक्टूबर को CBS के ‘फेस द नेशन विद मार्गरेट ब्रेनन’ पर कहा कि उनकी कैंपेन इस ‘कठिन रेस’ में कुछ भी गारंटी नहीं मान रही। पप्पास के मुताबिक, चुनाव के बचे 23 दिनों में उन्हें कड़ी मेहनत करनी होगी।

पप्पास न्यू हैम्पशायर से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य हैं और सीनेट में रिटायर हो रहीं डेमोक्रेट सीनेटर जीन शाहीन की सीट के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। उनके सामने रिपब्लिकन उम्मीदवार और पूर्व सीनेटर जॉन ई. सुनुनु हैं। CBS News ने इस रेस को ‘लीन डेमोक्रेट’ रेट किया है, लेकिन रिपब्लिकन इसे पलटने की उम्मीद में हैं।

Chris Pappas ने अफॉर्डेबिलिटी और ट्रंप-लिंक पर साधा निशाना

इंटरव्यू में पप्पास ने अपने प्रतिद्वंद्वी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जोड़ा और कहा कि सुनुनु को वोट देना ट्रंप के सीनेट बहुमत को वोट देने जैसा होगा। उनकी कैंपेन ने सुनुनु को ‘एक ऐसा सीक्वल जिसे हम अफोर्ड नहीं कर सकते’ बताते हुए नेगेटिव विज्ञापन भी चलाया है। पप्पास का कहना है कि यह चुनाव अतीत की ओर लौटने का नहीं, बल्कि भविष्य के लिए लड़ाई है।

दरअसल, महंगाई और अफॉर्डेबिलिटी इस रेस का बड़ा मुद्दा है। सुनुनु की कैंपेन हाउसिंग, हेल्थकेयर और एनर्जी की अफॉर्डेबिलिटी पर फोकस कर रही है, जबकि पप्पास का आरोप है कि सुनुनु ट्रंप की उन नीतियों के साथ हैं जो बड़ी कंपनियों और अरबपतियों को फायदा पहुंचाती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पप्पास ने ICE को भंग करने के बजाय उसके सुधार और 75 अरब डॉलर की रकम की वापसी की मांग की है।

वहीं, सुनुनु ने पप्पास पर पलटवार करते हुए उन्हें ‘अप्रभावी, पक्षपाती और न्यू हैम्पशायर से कटा हुआ’ करार दिया है। सुनुनु ने प्राइमरी में सात अन्य रिपब्लिकन उम्मीदवारों को हराया था, जिनमें पूर्व सीनेटर स्कॉट ब्राउन भी थे। ट्रंप ने सुनुनु का समर्थन किया है — हालांकि सुनुनु ने 2024 के प्रचार के दौरान ट्रंप को ‘लूजर’ कहा था।

क्यों अहम है न्यू हैम्पशायर की यह सीनेट रेस

न्यू हैम्पशायर अमेरिका का ‘पर्पल स्टेट’ माना जाता है, जहां दोनों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला होता है। पप्पास ने आगाह किया कि राज्य में अर्ली वोटिंग के सीमित विकल्प हैं, इसलिए आखिरी दिनों का प्रचार अहम होगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2016 की सीनेट रेस यहां सिर्फ 1,000 से कुछ ज्यादा वोटों से तय हुई थी — यानी हर वोट की कीमत है।

गौरतलब है कि पप्पास 2019 से हाउस में न्यू हैम्पशायर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, और डेमोक्रेटिक प्राइमरी में चार उम्मीदवारों को हराकर सीनेट के टिकट पर आए हैं। सुनुनु छह साल हाउस और एक कार्यकाल सीनेट में रह चुके हैं, लेकिन 2008 में शाहीन से हार गए थे। अब दोनों के बीच यह मुकाबला सीनेट के बहुमत की लड़ाई का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

बहरहाल, 3 नवंबर के चुनाव में अब 23 दिन बचे हैं। पप्पास ने कहा कि उनकी टीम स्वतंत्र मतदाताओं तक पहुंचने, बेस को सक्रिय करने और रिपब्लिकन मतदाताओं से भी बात करने पर फोकस कर रही है। ‘हम कुछ भी गारंटी नहीं मान रहे’ — यह लाइन उनकी पूरी रणनीति का सार लगती है।

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