अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत के बाद एक बड़ा ऐलान किया। Trump Ukraine diesel deal के तहत रूस अब अमेरिका और दुनिया के बाकी देशों को डीजल ईंधन भेजना शुरू करेगा। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने एक अस्थायी लाइसेंस जारी किया है, जिससे कंपनियां 7 अप्रैल 2027 तक रूसी डीजल खरीद, शिप और आयात कर सकेंगी। समझौते में तुरंत 3,00,000 टन, नवंबर में 5,00,000 टन और बाद में 10 लाख टन डीजल शामिल है।
अगले ही दिन, 10 अक्टूबर को ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अब ‘यूक्रेन को नया राष्ट्रपति लेने का समय आ गया है’। उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर अमेरिकी डीजल की बढ़ती कीमतों का ठीकरा फोड़ा और रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमलों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, ‘ही बेटर डैम वेल स्टॉप’, यानी उन्हें हर हाल में रुकना होगा।
Trump Ukraine diesel deal पर जेलेंस्की का पलटवार: ‘न न्यायसंगत, न ईमानदार’
जेलेंस्की ने रूसी डीजल पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील को शनिवार को हुए एक घातक हमले से जोड़ा। रूस के ग्लाइड-बम हमले में जापोरिज्जिया में 20 लोग मारे गए, जिनमें 3 बच्चे भी शामिल थे। यह उस हफ्ते यूक्रेन पर तीसरा बड़ा जनहानि वाला हमला था- बुधवार और गुरुवार के हमलों में करीब 80 आम नागरिक मारे गए थे। जेलेंस्की ने इस डील को ‘न तो न्यायसंगत और न ही ईमानदार’ बताया। शनिवार को रूस ने कहा कि उसने डीजल निर्यात पर लगे प्रतिबंध को आंशिक रूप से हटा दिया है।
महंगे डीजल की राजनीति: मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप की चिंता
दरअसल फरवरी में ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। यह अगले महीने होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप के लिए राजनीतिक मुसीबत बन गई है। एपी-एनओआरसी के एक सर्वे में पाया गया कि अमेरिकी नागरिक ईरान को लेकर ट्रंप के रवैये से नाखुश हैं और बढ़ती कीमतों के लिए उन्हें ही जिम्मेदार मानते हैं। ऐसे में सस्ता रूसी डीजल ट्रंप के लिए राहत का सौदा हो सकता है- लेकिन इसकी राजनीतिक कीमत भी चुकानी पड़ रही है।
विरोध और कूटनीति: रिपब्लिकनों ने डील रोकने की कोशिश की
इस डील का विरोध भी तेज हो गया है। हाउस रिपब्लिकनों ने ग्राहम एक्ट का हवाला देकर इस समझौते को रोकने की पहल की है। वहीं क्रेमलिन के दूत किरिल द्मित्रिएव ने ट्रंप की टिप्पणियों को ‘प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक’ बताया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने जेलेंस्की से बात कर एकजुटता जताई और ऊर्जा युद्धविराम की मांग की। समाचार एजेंसी तास के मुताबिक अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर दो हफ्तों के भीतर मॉस्को जा सकते हैं। शुक्रवार को मियामी में अमेरिका, यूक्रेन, यूरोप और नाटो के अधिकारियों के बीच बातचीत भी हुई।
फिलहाल यह डील अमेरिकी राजनीति में भूचाल ला चुकी है। एक तरफ सस्ते डीजल की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ यूक्रेन के साथ विश्वासघात के आरोप लग रहे हैं। आने वाले हफ्तों में यह साफ होगा कि ट्रंप का यह दांव मिडटर्म चुनाव में उन्हें फायदा पहुंचाता है या नुकसान।















