न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। हमास के 7 अक्टूबर 2023 के हमले की तीसरी बरसी पर जारी उनके बयान ने यहूदी संगठनों और इजरायली अधिकारियों को भड़का दिया है। Zohran Mamdani October 7 बयान में ममदानी ने हमास के हमले को “अकल्पनीय क्षति” बताया, लेकिन साथ ही इजरायल के गाजा अभियान को “जारी नरसंहार” करार दिया — और इसी बात पर बवाल मच गया।
34 वर्षीय ममदानी ने अपने बयान में स्वीकार किया कि उस दिन हमास ने 1,100 से ज्यादा इजरायलियों की हत्या की और 251 लोगों का अपहरण किया। लेकिन इसके बाद उन्होंने कहा कि “पीड़ा न तो उस दिन शुरू हुई, न उसी दिन खत्म हुई” और इजरायली सरकार के “विनाशकारी, जारी नरसंहार” का जिक्र किया, जिसमें 74,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी — जिनमें 21,000 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं — मारे गए हैं। उन्होंने इजरायल पर एम्बुलेंसों पर बमबारी, आवासीय इमारतों और पत्रकारों पर हमले और सीमा चौकियों पर खाद्य सहायता रोकने का भी आरोप लगाया।
इजरायली अधिकारियों और यहूदी संगठनों का गुस्सा
दरअसल, इस बयान पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया इजरायल के संयुक्त राष्ट्र राजदूत डैनी डैनन की आई। उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा कि ममदानी पीड़ितों और बचे लोगों के लिए रखे गए दिन को “हाईजैक” करके इजरायल की आलोचना कर रहे हैं। डैनन ने इसकी तुलना 9/11 की बरसी पर अमेरिका की आलोचना करने से की। इजरायल के अमेरिका स्थित राजदूत येचिएल लीटर ने भी कड़ी निंदा की, जबकि ADL ने कहा कि ममदानी “शोक के दिन को हथियार बना रहे हैं।”
बुधवार रात यूनियन स्क्वायर में 7 अक्टूबर की याद में आयोजित एक सतर्कता सभा में पहुंचने पर ममदानी का हूटिंग से स्वागत हुआ। इसके बाद वह फिलिस्तीनी न्यूयॉर्कवासियों के साथ एक बैठक में शामिल हुए। द व्यू की पैनलिस्ट अलिसा फराह ग्रिफिन ने भी उनकी आलोचना की और कहा कि मेयर यहूदियों को शोक मनाने के लिए “एक दिन” भी नहीं दे सके।
Zohran Mamdani पर पहले से चल रहा था विवाद
असल में यह विवाद अचानक नहीं उठा। पिछले हफ्ते ही ममदानी की शहर की यहूदी-विरोध नीति की आलोचना हुई थी। UJA-फेडरेशन ऑफ न्यूयॉर्क, JCRC-NY, AJC न्यूयॉर्क और न्यूयॉर्क बोर्ड ऑफ रैबिस ने संयुक्त बयान में कहा था कि इस तरह की बयानबाजी “इजरायल को बदनाम और अवैध ठहराती” है, जिससे यहूदी न्यूयॉर्कवासियों को निशाना बनाया जा सकता है।
ममदानी 3 अक्टूबर को न्यूयॉर्क में कल्चरकॉन 2026 में मंच पर भी दिखे थे। उनके बयान को पांच घंटों में करीब 70 लाख बार देखा गया। समर्थकों का कहना है कि मेयर ने दोनों पक्षों की पीड़ा स्वीकार की, जबकि आलोचकों का आरोप है कि उन्होंने शोक के दिन को राजनीतिक मंच बना दिया।
गौरतलब है कि ममदानी ने अपने बयान में यह भी लिखा था कि “हमारे टैक्स के पैसे इन युद्ध अपराधों को वित्तपोषित करते हैं” और वाशिंगटन पर “हर हथियार खेप के साथ मिलीभगत” का आरोप लगाया। बहरहाल, इस विवाद ने न्यूयॉर्क की राजनीति को एक बार फिर दो धड़ों में बांट दिया है — एक तरफ ममदानी के समर्थक हैं, तो दूसरी तरफ यहूदी समुदाय के नेता, जो शहर में इजरायल के बाहर सबसे बड़ी यहूदी आबादी का घर है।















