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UN में भारत की स्थायी सदस्यता पर रूस की मुहर, लावरोव बोले- पश्चिमी देशों को एक भी सीट नहीं

On: September 27, 2026 3:15 PM
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संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का खुलकर और पुरजोर समर्थन किया है। लावरोव ने सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका को व्यापक प्रतिनिधित्व देने की वकालत की, जिसमें उन्होंने भारत और ब्राजील के नामों का प्रमुखता से समर्थन किया।

रूस का यह महत्वपूर्ण बयान ऐसे समय आया है, जब भारत ब्रिक्स (BRICS) और जी4 (G4) जैसे कई वैश्विक मंचों के माध्यम से लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधारों की मांग निरंतर उठाता रहा है।

जर्मनी और जापान को लेकर रूस का तीखा रुख

सुरक्षा परिषद के पुनर्गठन और वीटो शक्ति के मुद्दे पर चर्चा करते हुए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पश्चिमी देशों पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी सुधार में पश्चिमी देशों के लिए अतिरिक्त सीटें बिल्कुल शामिल नहीं होनी चाहिए।

लावरोव ने कहा कि वे एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के पक्षधर हैं और ब्राजील तथा भारत की स्थायी सीट की उम्मीदवारी का समर्थन करते हैं। लेकिन सुरक्षा परिषद के सुधार के नाम पर पश्चिमी देशों को कोई भी अतिरिक्त सीट नहीं मिलनी चाहिए, विशेषकर जर्मनी और जापान को, जो अब सैन्यवाद और प्रतिशोध के पुराने मार्ग पर अग्रसर हैं।

लावरोव ने आगे यह भी जोड़ा कि किसी भी सुधार प्रक्रिया में ग्लोबल साउथ और विशेषकर अफ्रीकी महाद्वीप की आकांक्षाओं व हितों का पूर्ण ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है।

मॉरीशस, पुर्तगाल समेत कई देशों का समर्थन

रूस के अतिरिक्त विश्व के कई अन्य देशों ने भी महासभा के बड़े मंच से सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का खुला समर्थन किया है। मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल ने कहा कि वे सुरक्षा परिषद सुधारों पर जी4 और एल69 के रुख का समर्थन करते हैं और वैश्विक मामलों में भारत की रचनात्मक भूमिका को देखते हुए UNSC में स्थायी सीट हेतु उसकी उम्मीदवारी का पूर्ण समर्थन दोहराते हैं।

पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुईस मोंटेनेग्रो ने भी सुरक्षा परिषद को अधिक प्रतिनिधिमूलक बनाने के लिए भारत, ब्राजील और अफ्रीका के स्थायी प्रतिनिधित्व की पुरजोर मांग की। मार्शल आइलैंड्स की राष्ट्रपति हिल्डा हेने ने जी4 समूह अर्थात भारत, जापान, ब्राजील और जर्मनी की उम्मीदवारी का समर्थन किया। वहीं जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाची ने भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की वर्तमान वास्तविकताओं को देखते हुए सुरक्षा परिषद में बिना विलंब तत्काल सुधार का बड़ा आह्वान किया।

UNSC का वर्तमान ढांचा और नियम

वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 5 स्थायी सदस्य देश (चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका) हैं, जिनके पास वीटो पावर की बड़ी ताकत है। इसके अलावा परिषद में 10 अस्थायी सदस्य देश भी होते हैं, जिनका कार्यकाल मात्र 2 वर्ष का होता है।

सुरक्षा परिषद के ढांचे में किसी भी स्थायी परिवर्तन हेतु संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA में दो-तिहाई बहुमत की कड़ी आवश्यकता होती है। इसके साथ ही दो-तिहाई सदस्य देशों द्वारा उस कानून या प्रस्ताव का समर्थन भी जरूरी है। इन सबसे ऊपर सबसे अहम बात यह है कि पांचों स्थायी सदस्यों अर्थात पी5 देशों की आपसी सहमति भी इसमें पूर्णतः अनिवार्य है।

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