देश के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर है। स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए होने वाली कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) 2027 में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। शिक्षा मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं, जिससे परीक्षा का पूरा कार्यक्रम छोटा हो और छात्र अपने सारे पेपर एक ही दिन में दे सकें।
इस प्रस्ताव का सबसे अहम हिस्सा है “वन स्टूडेंट, वन डे” फॉर्मेट। यानी भले ही परीक्षा कई दिनों तक चले, लेकिन हर छात्र को अपने चुने हुए सभी विषयों के पेपर एक ही दिन में देने होंगे। अभी CUET-UG के पेपर अलग-अलग तारीखों पर होते हैं, जिससे कई विषय चुनने वाले छात्रों को बार-बार परीक्षा केंद्र के चक्कर लगाने पड़ते हैं — इसमें समय और पैसा दोनों खर्च होता है।
पेपर छोटे होंगे, सवाल भी कम
प्रस्ताव के मुताबिक, हर विषय के पेपर की अवधि 60 मिनट से घटाकर 40-45 मिनट की जा सकती है। साथ ही, हर पेपर में सवालों की संख्या 50 से घटाकर 35-40 करने पर भी विचार हो रहा है। दरअसल, कम समय में कम सवाल — यानी छात्रों को तेज़ गति और ज़्यादा सटीकता के साथ पेपर हल करना होगा, क्योंकि हर सवाल का वज़न बढ़ जाएगा।
एक और बड़ा बदलाव विषयों की अधिकतम सीमा को लेकर है। अभी छात्र 37 विषयों (13 भाषाएं, 23 डोमेन विषय और 1 सामान्य योग्यता परीक्षा) में से अधिकतम 5 विषय चुन सकते हैं। प्रस्ताव है कि इसे घटाकर 4 कर दिया जाए। हिसाब लगाएं तो 40 मिनट के हिसाब से 5 विषयों में 200 मिनट (3 घंटे 20 मिनट) लगते थे, जबकि 4 विषयों में सिर्फ 160 मिनट (2 घंटे 40 मिनट) में परीक्षा खत्म हो जाएगी।
CUET UG 2027 में विषयों का नया समूह — अभी सिर्फ प्रस्ताव
प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि आमतौर पर साथ चुने जाने वाले विषयों को एक ही समय-सीमा में रखा जाए, ताकि छात्र एक ही सत्र या एक ही दिन में पेपर निपटा सकें। साथ ही, CUET-PG में भी बदलाव पर विचार हो रहा है — जिन विषयों में सीटों से कम आवेदन आते हैं, वहां मेरिट आधारित दाखिले का विकल्प रखा जा सकता है।
हालांकि, यह ज़रूरी है कि ये सारे बदलाव अभी सिर्फ प्रस्ताव हैं। अंतिम फैसला NTA, परीक्षा सुधार समिति और विश्वविद्यालयों के बीच होने वाली चर्चाओं के बाद ही होगा। छात्रों को NTA के आधिकारिक सूचना बुलेटिन का इंतज़ार करना चाहिए और तब तक अपनी रणनीति न बदलें। गौरतलब है कि अभी विश्वविद्यालयों में दाखिले के मानदंड एक जैसे नहीं हैं — दिल्ली विश्वविद्यालय के विषय संयोजन के नियम काफी सख्त हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के कई राज्य विश्वविद्यालयों ने सामान्य योग्यता परीक्षा अनिवार्य की हुई है।
बताया जा रहा है कि CUET-UG 2027 का आयोजन मई-जून 2027 में होने की उम्मीद है, हालांकि तारीखों की आधिकारिक घोषणा NTA ही करेगा। परीक्षा सुधार समिति का मानना है कि “वन स्टूडेंट, वन डे” मॉडल से खासतौर पर उन छात्रों को फायदा होगा, जिन्हें अलग-अलग पेपरों के लिए लंबी दूरी तय करके बार-बार केंद्र आना पड़ता है। विषयों के नए समूह भी इसी सोच का हिस्सा हैं — आमतौर पर साथ चुने जाने वाले विषय एक ही समय-सीमा में रखे जाएंगे।
बहरहाल, अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो CUET-UG लाखों छात्रों के लिए कम तनावपूर्ण और कम खर्चीला हो सकता है। लेकिन 4 विषयों की सीमा और कम समय में ज़्यादा सटीकता की मांग — यह भी छात्रों के लिए नई चुनौती होगी।















