चुनावी व्यवस्था को लेकर देश में छिड़ी बहस के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं को तुरंत भंग कर बैलेट पेपर से नए चुनाव कराने की मांग की है। खरगे ने मौजूदा चुनावों को अवैध तक करार दे दिया।
कलबुर्गी में पत्रकारों से क्या बोले खरगे
कलबुर्गी में मीडिया से बातचीत में खरगे ने आरोप लगाया कि ईवीएम के कथित दुरुपयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गड़बड़ियों से लोकतंत्र प्रभावित हुआ है। उन्होंने यहां तक कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सभी मुख्यमंत्रियों का निर्वाचन भी अवैध है।
एसआईआर और गरीब मतदाताओं का मुद्दा
खरगे ने दावा किया कि एसआईआर के नाम पर मतदान केंद्रों से गरीब मतदाताओं के नाम चुपचाप काटे जा रहे हैं। इसका सबसे बुरा असर गरीबों, मजदूरों, अनपढ़ लोगों और अल्पसंख्यकों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डों और गांवों में साजिश के तहत मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए फॉर्म भरवाए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग और 2023 के कानून पर सवाल
ईवीएम की जगह बैलेट पेपर की पुरानी मांग दोहराते हुए खरगे ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाले 2023 के कानून पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले चयन समिति में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और मुख्य न्यायाधीश होते थे, लेकिन नए कानून में यह व्यवस्था बदल दी गई।
6 अक्टूबर को विपक्ष का बड़ा मार्च
खरगे ने बताया कि 30 सितंबर को हुई विपक्षी बैठक में आंदोलन जारी रखने पर सहमति बनी है। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग तक मार्च निकालेंगे। राज्यों में भी सड़कों पर उतरकर जनता को जागरूक किया जाएगा। यूपी चुनाव पर उन्होंने साफ किया कि बहिष्कार का कोई विकल्प नहीं है, विरोध लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।









