देहरादून। उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक रविवार को पहली बार राजधानी से बाहर आयोजित हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में हुई इस बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर मुहर लगी। राज्य गठन के बाद यह पहला मौका था जब मंत्रिमंडल की बैठक किसी जिले में हुई। बनबसा भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है और मां पूर्णागिरि धाम के निकट होने के साथ यहां जनजातीय उत्सव भी चल रहा है।
युवाओं के लिए ₹200 करोड़ की कौशल योजना
बैठक का सबसे अहम फैसला युवाओं के कौशल विकास को लेकर रहा। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 को मंजूरी दे दी। इसके तहत उच्च शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों को डिग्री के साथ रोजगारपरक और तकनीकी कौशल से जुड़े पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। हर सेमेस्टर में छह क्रेडिट के स्किल आधारित कोर्स चलेंगे, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकें और रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप कौशल शामिल होंगे। पांच वर्षों में इस योजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे और अनुमान है कि प्रदेश के एक लाख से अधिक विद्यार्थी इससे लाभान्वित होंगे।
भूमि अधिकार और किसानों से जुड़े फैसले
लालकुआं में लंबे समय से चली आ रही भूमि समस्या पर कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लिया। वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों व कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। नैनीताल जिले के नगर पंचायत लालकुआं क्षेत्र में संबंधित लोगों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा देहरादून के परगना जौनसार-बावर में वर्ग-4 भूमि के विनियमितीकरण की अवधि एक वर्ष बढ़ा दी गई है। बढ़ी हुई अवधि में 2004 के सर्किल रेट के आधार पर विनियमितीकरण होगा, उसके बाद प्रचलित सर्किल रेट लागू होगा। नजूल भूमि के नियमितीकरण के लिए भी अभियान चलाने का निर्णय लिया गया, जिसमें खटीमा, बनबसा और चंपावत समेत प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के मामले शामिल होंगे। पर्वतीय क्षेत्रों के कुक्कुट पालकों को फीड पर सब्सिडी देने का फैसला भी हुआ। यह सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए लाभार्थियों के बैंक खातों में जाएगी और करीब 2,000 पालकों को इसका लाभ मिलेगा, जिस पर लगभग दो करोड़ रुपये की सब्सिडी खर्च होगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधार
निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े नियमों में बदलाव को भी हरी झंडी मिली। अब विश्वविद्यालय खोलने के लिए पहले तय 10 एकड़ भूमि की शर्त के बजाय 20,000 वर्ग मीटर भूमि का प्रावधान होगा और पांच करोड़ रुपये के गारंटी फंड की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर के वेतन व मानदेय के पुनर्निर्धारण को मंजूरी दी गई, ताकि चिकित्सकीय मानव संसाधन की कमी दूर हो सके। टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में नया सब-रजिस्ट्रार कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। प्रांतीय रक्षक दल के अधिकारियों के पद को समूह-ख में शामिल करने का निर्णय लिया गया। पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विकास विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए डायरेक्टर जनरल के पद को अपग्रेड किया गया और वन विभाग से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट गठित करने पर सहमति बनी।
वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर जोर
पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को गति देने के लिए उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने को मंजूरी दी गई। संपत्ति की रजिस्ट्री में क्रेता, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों के पैन के सत्यापन को अनिवार्य करने की व्यवस्था को भी कैबिनेट ने पास किया। राजकोषीय प्रबंधन के मोर्चे पर वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी के तीन प्रतिशत और संचयी ऋण की अधिकतम सीमा 30 प्रतिशत तय करने संबंधी संशोधन विधेयक को मंजूरी मिली। इसके साथ ही उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण संशोधन नियमावली-2026 को भी स्वीकृति दी गई, जिसमें कर्मचारियों की चल-अचल और बहुमूल्य संपत्ति के विवरण से जुड़े प्रावधानों को अद्यतन किया जाएगा।









