सितंबर का महीना अपने अंतिम पड़ाव पर है, मगर मानसून की बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 30 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके साथ ही उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हुई है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को भी देश के कई हिस्सों में बादल जमकर बरस सकते हैं। उत्तराखंड, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है। वहीं बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने का सिलसिला जारी रह सकता है।
मानसून की वापसी की रेखा कहां पहुंची
मानसून की वापसी को दर्शाने वाली रेखा फिलहाल गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, दीसा और नलिया होते हुए अरब सागर तक पहुंच चुकी है। मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में बना कम दबाव का क्षेत्र अब धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है। उधर, दक्षिणी तटीय म्यांमार के नजदीक बना एक अन्य कम दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी की तरफ बढ़ रहा है, जिसके चलते पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर बना रहेगा।
उत्तराखंड में पहाड़ों पर भारी बारिश की चेतावनी
सोमवार को सबसे ज्यादा असर पहाड़ी क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। उत्तराखंड में 28 सितंबर को व्यापक इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ जगहों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में सफर करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है, क्योंकि तेज बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़कों के बंद होने का खतरा रहता है।
उत्तर प्रदेश के लिए राहत की खबर यह है कि बारिश लाने वाला मौसमी तंत्र धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है। हालांकि रविवार को इसी तंत्र के प्रभाव से उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हुई थी। सोमवार को इसकी तीव्रता घटने के आसार हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर जलभराव की समस्या बनी रह सकती है।
बिहार, झारखंड और बंगाल का हाल
बिहार में रविवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई थी, लेकिन सोमवार के लिए भारी बारिश की अलग से चेतावनी जारी नहीं की गई है। फिर भी बादलों की आवाजाही के बीच कुछ इलाकों में वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 27 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच बिहार में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है। झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी सोमवार को मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और 3 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं।
मध्य भारत में भी बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है। आईएमडी के मुताबिक 28 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में भी सोमवार को गरज-चमक के आसार हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30 सितंबर तक, पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर तक और छत्तीसगढ़ में 3 अक्टूबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश जारी रह सकती है।
अंडमान और दक्षिण भारत में भी बिगड़ेगा मौसम
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सोमवार को मौसम और ज्यादा बिगड़ सकता है। 27 और 28 सितंबर को यहां भारी बारिश की संभावना है। तेज हवाओं के दौरान हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। दक्षिण भारत में भी सोमवार को कई जगहों पर बादल छाए रहेंगे। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ तेज हवा चल सकती है, जबकि दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में सोमवार से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक भारी बारिश का दौर चल सकता है।
कुल मिलाकर 28 सितंबर का दिन देश के बड़े हिस्से में मौसम के लिहाज से मुश्किल भरा रहने वाला है। यदि आप यात्रा की योजना बना रहे हैं तो घर से निकलने से पहले अपने क्षेत्र का ताजा मौसम पूर्वानुमान अवश्य देख लें।









