देहरादून। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने 24 सितंबर 2026 को उत्तराखंड के लिए बेहद गंभीर मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार 26 और 27 सितंबर को राज्य के पिथौरागढ़, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और चंपावत जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर तेज गर्जना के साथ बिजली चमकने और मूसलाधार बारिश के तीव्र दौर देखने को मिल सकते हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट घोषित कर दिया है।
पांच जिलों में 26 सितंबर को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में 26 सितंबर को कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। इसके साथ ही इन जिलों के आंगनबाड़ी केंद्र भी उस दिन बंद रहेंगे।
अपर जिलाधिकारी ने ली हाई-लेवल बैठक, दिए कड़े निर्देश
मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़ योगेंद्र सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में संभावित आपदा से निपटने की तैयारियों और एहतियाती उपायों की समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को पूर्ण सतर्कता बरतने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खराब मौसम के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में किसी भी ट्रेकर दल को ट्रैकिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों और सैलानियों की आवाजाही पर कड़ा नियंत्रण रखा जाएगा, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
आपदा प्रबंधन तंत्र हाई अलर्ट पर, सड़कें खुलवाने के आदेश
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई और आपसी समन्वय के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन की आईआरएस (IRS) प्रणाली से जुड़े सभी नामित अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी पुलिस चौकियों और थानों को आपदा प्रबंधन उपकरणों तथा वायरलेस सेट के साथ सतर्क रहने को कहा गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, एडीबी, बीआरओ और सीपीडब्ल्यूडी जैसी एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश या भूस्खलन से कोई भी मोटर मार्ग बाधित हो तो उसे फौरन खुलवाया जाए। राजस्व उपनिरीक्षकों, ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में उपस्थित रहकर स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने को कहा गया है। अलर्ट अवधि में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का मोबाइल फोन बंद नहीं मिलना चाहिए, इसकी सख्त हिदायत दी गई है।
आम जनता से अपील, राहत कार्यों की पुख्ता तैयारी
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने वाहनों में बरसाती, छाता, टॉर्च, हेलमेट और आवश्यक उपकरण हमेशा साथ रखें। बैठक में तय किया गया कि भारी बारिश के कारण यदि कहीं लोग फंस जाते हैं तो उनके लिए तुरंत भोजन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। शहरों और कस्बों में नालियों व कलवर्टों में जमा कचरा और अवरोध हटाने के आदेश दिए गए हैं ताकि जलभराव न हो। अपर जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और इस अवधि में बिना अत्यावश्यक कार्य के यात्रा करने अथवा जोखिम भरे क्षेत्रों में जाने से पूरी तरह बचें।









