कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन (सॉल्ट लेक स्टेडियम) में शनिवार को फुटबॉल इतिहास का एक नया अध्याय लिखा गया, जब भारतीय फुटबॉल टीम पहली बार सीनियर पुरुष अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील से भिड़ी। करीब 51,000 दर्शकों की मौजूदगी में खेले गए इस दोस्ताना मुकाबले में ब्राजील ने भारत को 4-0 से हरा दिया।
स्कोरलाइन भले ही एकतरफा दिखे, लेकिन पहले हाफ में ब्लू टाइगर्स ने दुनिया की पांचवें नंबर की टीम को कड़ी टक्कर दी। भारतीय कोच खालिद जमील की टीम ने अनुशासित डिफेंस के साथ ब्राजील के हमलों को आधे घंटे तक रोके रखा।
पहले हाफ में टूटा भारतीय डिफेंस
मैच का पहला गोल 28वें मिनट में आया, जब चेल्सी के युवा स्टार एस्तेवाओ विलियन ने दाएं फ्लैंक से अंदर कट करके बाएं पैर से शानदार शॉट लगाया। भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू गेंद को रोकने में नाकाम रहे। इसके बाद 42वें मिनट में पेड्रो ने एस्तेवाओ के ही पास पर गोल करके ब्राजील को 2-0 की बढ़त दिला दी। दोनों ही गोलों पर गुरप्रीत की गलती चर्चा का विषय रही।
हाफ टाइम पर भारत ने गोलकीपर बदल दिया। गुरप्रीत की जगह युवा प्रभसुखन गिल मैदान पर उतरे और इस तरह उन्होंने सीनियर टीम के लिए अपना डेब्यू किया।
दूसरे हाफ में लिनो का जलवा
दूसरे हाफ में ब्राजील ने और आक्रामक खेल दिखाया। विनिसियस जूनियर की जगह मैदान पर आए सैमुअल लिनो ने 58वें मिनट में भारतीय डिफेंस की गलती का फायदा उठाकर तीसरा गोल दागा। इसके बाद स्टॉपेज टाइम के पांचवें मिनट (90+5) में लिनो ने एक और गोल करके अपना दूसरा और टीम का चौथा गोल पूरा किया।
भारत की ओर से दूसरे हाफ में कुछ मौके बने। 54वें मिनट में मनवीर सिंह को सबसे अच्छा मौका मिला, लेकिन मार्किन्होस के दबाव में उनका शॉट नियर पोस्ट के ऊपर से निकल गया। रयान विलियम्स और अभिषेक सिंह तेकचम ने भी प्रभावित किया।
अब उरुग्वे से मुकाबला
इस हार के बावजूद भारतीय खेमे में सकारात्मक बातें रहीं, खासकर पहले हाफ का डिफेंसिव प्रदर्शन। अब ब्लू टाइगर्स का अगला मुकाबला 6 अक्टूबर को इसी स्टेडियम में उरुग्वे के खिलाफ होगा, जो इस फीफा फ्रेंडली सीरीज का आखिरी मैच होगा।









