मुंबई के शिवाजी पार्क में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के प्रमुख आयोजकों अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका, सौरव दास, रत्ना सिंह और 400 से 500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
बिना अनुमति प्रदर्शन का आरोप
शुक्रवार को सीजेपी और कुछ सामाजिक संगठनों ने एसआईआर में कथित गड़बड़ियों को लेकर शिवाजी पार्क में प्रदर्शन किया था। स्थानीय निवासी और वकील सिद्धि देवलेकर की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है। शिकायत में कहा गया है कि प्रदर्शन के लिए पुलिस से कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।
सोशल मीडिया पर शिकायतकर्ता का पोस्ट
सिद्धि देवलेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि सीजेपी नेताओं और पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह के खिलाफ भारी भीड़ जुटाने और गैरकानूनी प्रदर्शन के आरोप में शिकायत दर्ज कराई गई है।
‘यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं’
देवलेकर ने लिखा कि शिवाजी पार्क की जिम्मेदार नागरिक होने के नाते उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। उनके मुताबिक बिना अनुमति भीड़ जुटाना बॉम्बे हाईकोर्ट के 4 जनवरी 2013 के फैसले (पीआईएल 116/2009) और महाराष्ट्र सरकार के आदेशों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं, बल्कि कानून तोड़ने की सोची-समझी कोशिश है। जो लोग खुद को संविधान का रक्षक बताते हैं, वही हाईकोर्ट के आदेशों को चुनौती दे रहे हैं। देश में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।









