उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में इन दिनों सूरज के तीखे तेवर लोगों का पसीना छुड़ा रहे हैं। चिलचिलाती धूप और उमस के कारण आम जनजीवन बेहाल हो चुका है। राजधानी देहरादून में तो बुधवार को पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जिसने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। लेकिन इसी तपती गर्मी के बीच अब राहत की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि की भविष्यवाणी की है, जिससे जल्द ही इस तपिश से निजात मिलने की उम्मीद है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आने वाले दो से चार दिनों के भीतर उत्तराखंड के मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलने वाला है। सूबे के कई पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। दरअसल, मौसम में होने वाले इस बड़े बदलाव के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे तपते उत्तराखंड को बड़ी राहत मिलेगी।
इन 7 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट, ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार
मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, देहरादून, टिहरी, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में अगले कुछ दिन मौसम करवट लेने वाला है। इन जिलों के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। वहीं, जो इलाके 4000 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर स्थित हैं, वहां बर्फबारी का नजारा भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ओलावृष्टि और तेज अंधड़ को लेकर बाकायदा ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।
28 और 29 मई को रौद्र रूप दिखाएगा मौसम, भारी बारिश की चेतावनी
बताया जा रहा है कि 28 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मौसम का भारी अलर्ट रहेगा। इसके ठीक अगले दिन यानी 29 मई को भी राहत के साथ-साथ आफत की बारिश हो सकती है। विभाग ने 29 मई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली में कई जगहों पर भारी से भारी बारिश की आशंका जताई है। हालांकि, इस बारिश से मैदानी इलाकों में जो उमस और गर्मी से हाहाकार मचा है, उससे काफी हद तक राहत मिल जाएगी। अगर पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो पंतनगर में भी पारा 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं पहाड़ों पर नई टिहरी में 27.6 डिग्री और मुक्तेश्वर में 26.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ था, जो सामान्य से काफी ज्यादा था।
आपदा प्रबंधन विभाग सख्त: ‘बहुत जरूरी हो तभी करें यात्रा’
मौसम के इस बिगड़े मिजाज को देखते हुए शासन-प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों और जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। आपातकालीन व्यवस्थाओं को अभी से दुरुस्त करने को कहा गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने जनता और तीर्थयात्रियों से खास अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें। उन्होंने सख्त हिदायत दी है कि जब आकाशीय बिजली चमक रही हो या तेज हवाएं चल रही हों, तो भूलकर भी पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लें।
