उत्तर भारत के दूसरे राज्यों के साथ-साथ अब देवभूमि उत्तराखंड भी भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की चपेट में आ चुका है। राज्य के मैदानी इलाकों में ‘चुभती-जलती’ गर्मी ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अनुमान के मुताबिक, मैदानी क्षेत्रों में तापमान बहुत तेजी से ऊपर चढ़ रहा है और आज पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के पूरे आसार बने हुए हैं। मैदानों में सुबह से ही चल रही तेज गर्म हवाओं यानी लू के कारण दोपहर के समय सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरने लगा है और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
पहाड़ों में मिल सकती है राहत, बारिश की संभावना
एक तरफ जहां उत्तराखंड के मैदानी इलाके भीषण गर्मी की वजह से बुरी तरह झुलस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पहाड़ी जनपदों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग ने थोड़ी राहत की खबर दी है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पहाड़ों में होने वाली इस मौसमी हलचल और अंधड़ से तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है, जिससे वहां मौजूद स्थानीय लोगों के साथ-साथ मैदानी इलाकों से घूमने आए पर्यटकों को चिलचिलाती धूप से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
हीट वेव (लू) को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
मैदानी इलाकों में लगातार बढ़ते पारे को देखते हुए मौसम विभाग ने ‘हीट वेव’ यानी लू की गंभीर चेतावनी जारी की है। आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक सूरज की सीधी किरणों और झुलसाने वाली गर्म हवाओं का प्रकोप सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने भी कमर कस ली है और लोगों को हर समय अलर्ट मोड पर रहने की सलाह दी है।
भयंकर गर्मी से बचने के लिए डॉक्टरों की खास सलाह
अस्पतालों में बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने आम जनता के लिए कुछ बेहद जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर के समय बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही लोग अपने घरों या दफ्तरों से बाहर निकलें। इस मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने दें, इसके लिए लगातार ओआरएस (ORS) का घोल, नींबू पानी, छाछ और लस्सी जैसी चीजों का सेवन करते रहें। अगर किसी काम से बाहर निकलना भी पड़े, तो अपने सिर को सूती कपड़े से अच्छी तरह ढकें, धूप से बचने के लिए छाते का प्रयोग करें और आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्लासेस यानी काले चश्मे का इस्तेमाल जरूर करें।
मौसम वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि आने वाले अगले कुछ दिनों तक मैदानी इलाकों में गर्मी का यह तीखा और सख्त रुख इसी तरह जारी रहेगा, जबकि पहाड़ों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज समय-समय पर बदलता रहेगा।
