उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और मौसम विभाग के भारी अलर्ट को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए केदारनाथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया है। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं को तत्काल प्रभाव से उनके नजदीकी सुरक्षित स्थानों और होल्डिंग प्वाइंट्स पर ही ठहरने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
दरअसल, पहाड़ों में इस समय स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा खुद मोर्चे पर डटे हैं। उन्होंने भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों और यात्रा मार्ग के सभी पड़ावों पर तैनात अधिकारियों को चौबीसों घंटे अलर्ट रहने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की ओर से साफ कर दिया गया है कि जब तक मौसम का मिजाज नहीं सुधरता और रास्ते पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते, तब तक किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की इजाजत नहीं मिलेगी।
यात्रियों के लिए खाने-पीने और रहने के इंतजाम
प्रशासनिक बंदिशों के बाद जो श्रद्धालु जहां थे, उन्हें वहीं रोक दिया गया है। जिन होल्डिंग एरिया में यात्रियों को ठहराया गया है, वहां उनके लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि फंसे हुए तीर्थयात्रियों के लिए भोजन, सुरक्षित आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि इस संकट की घड़ी में उन्हें कोई परेशानी न हो। स्थानीय अधिकारी लगातार इन कैंपों की निगरानी कर रहे हैं।
हाई अलर्ट पर SDRF और NDRF की टीमें
पहाड़ों पर बारिश का मतलब सिर्फ पानी नहीं, बल्कि पहाड़ों से गिरते पत्थर और लैंडस्लाइड का खौफ भी होता है। इसी खतरे को भांपते हुए यात्रा मार्ग के साथ-साथ जिले के सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा चक्र मजबूत कर दिया गया है। सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्थानीय पुलिस के साथ-साथ डीडीआरएफ (DDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों को साफ निर्देश हैं कि कहीं भी सड़क बंद होने या लैंडस्लाइड होने पर इसकी सूचना तुरंत जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को दी जाए, ताकि बिना वक्त गंवाए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
अफवाहों से बचें, प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
इस बीच, पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय जनता और देश-विदेश से आए तीर्थयात्रियों से सोशल मीडिया पर उड़ने वाली अफवाहों से बचने की अपील की है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मौसम सामान्य होने और रूट को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने के बाद ही यात्रा दोबारा बहाल की जाएगी। किसी भी तरह की सही जानकारी के लिए लोग आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें।
इसके साथ ही, प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति या मदद के लिए दो हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। केदारनाथ मार्ग पर फंसे यात्री या उनके परिजन 8958757335 और 8218326386 पर संपर्क कर पल-पल की जानकारी ले सकते हैं या फिर मदद की गुहार लगा सकते हैं।
