उत्तराखंड के विकास में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से ‘रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस’ रेल सेवा को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन सप्ताह में दो बार चलेगी और कुमाऊं तथा गढ़वाल मंडलों को एक नई जीवनरेखा प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की विकास यात्रा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
कुमाऊं और गढ़वाल के बीच बनेगा ‘सेतु’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह रेल सेवा न केवल यात्रियों और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि व्यापारियों, विद्यार्थियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए भी बेहद मददगार साबित होगी। यह ट्रेन रामनगर से देहरादून के बीच काशीपुर, रोशनपुर, पिपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इस रूट के जुड़ने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े क्षेत्र को भी उत्तराखंड के साथ सीधी रेल कनेक्टिविटी मिल जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस शानदार सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।
बढ़ेगी यात्रियों की संख्या, तो रोज चलेगी ट्रेन
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अगर यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होती है, तो इस सेवा को रोजाना (प्रतिदिन) चलाने का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। रेल मंत्री ने सीएम धामी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के 11 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने जानकारी दी कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड को जोड़ने वाली 20 नई और विस्तारित रेल सेवाएं शुरू की गई हैं, जो राज्य के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई गति देंगी।
उत्तराखंड में रेलवे का तेजी से विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम अंतिम चरण में है, जो प्रदेश के धार्मिक और सामाजिक विकास के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए राज्य को रेलवे अवसंरचना विकास हेतु रिकॉर्ड 4,769 करोड़ रुपये का बजट मिला है। फिलहाल राज्य में करीब 39 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न रेल परियोजनाएं तेजी से चल रही हैं। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में सड़क, रेल, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में विकास की रफ्तार दोगुनी हो गई है।
