मयंक त्रिगुण, हरिद्वार। हरिद्वार में बेलगाम दौड़ रहे डंपर मासूम जिंदगियों के लिए काल बनते जा रहे हैं। धर्मनगरी से एक बार फिर दिल दहला देने वाले सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पुलिस और प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। सर्वानंद घाट क्षेत्र में एक तेज रफ्तार डंपर ने ऐसा कोहराम मचाया कि ड्यूटी पर जा रहे दो पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवान इसकी चपेट में आ गए। हादसे में दोनों जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दरअसल, हरिद्वार में बेलगाम डंपर का कहर इस कदर बढ़ गया है कि पिछले तीन दिनों के भीतर यह दूसरा बड़ा हरिद्वार सड़क हादसा है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि रिहायशी और घाट वाले इलाकों में भी ये भारी वाहन बिना किसी खौफ के फर्राटा भर रहे हैं। ताजा मामले में डंपर की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह सड़क किनारे खड़ी एक कार को पूरी तरह से मलबे में तब्दील करते हुए आगे निकल गया।
बाल-बाल बचे कार सवार, जवानों पर टूटा कहर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सर्वानंद घाट के पास सड़क किनारे एक कार खड़ी थी। इसी दौरान सामने से आ रहे एक अनियंत्रित डंपर ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। असल में, एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते रह गया क्योंकि जिस वक्त यह दुर्घटना हुई, कार में सवार दोनों लोग गाड़ी से उतरकर घाट की तरफ गए हुए थे। अगर वे कार के भीतर होते तो शायद स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी।
लेकिन किस्मत हर किसी के साथ नहीं थी। इसी दौरान ड्यूटी के लिए जा रहे दो पीआरडी जवान, अनिल कुमार और सचिन कुमार, इस बेकाबू डंपर की चपेट में आ गए। टक्कर लगते ही दोनों जवान सड़क पर दूर जा गिरे और लहूलुहान हो गए।
अस्पताल में भर्ती और पुलिस की तफ्तीश
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाई और घायल जवानों को संभालते हुए एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों जवानों का इलाज जारी है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।
इधर, हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार और डंपर को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है और डंपर चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हरिद्वार सड़क हादसा: थम नहीं रहा रफ्तार का आतंक
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हरिद्वार के घाटों और संवेदनशील रास्तों पर भारी वाहनों की नो-एंट्री और रफ्तार को लेकर नियम तो बनाए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। तीन दिन में दो बड़े हादसों ने यह साबित कर दिया है कि सड़कों पर चलने वाले राहगीर अब बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं। लोगों ने मांग की है कि ऐसे डंपर चालकों पर लगाम कसी जाए, नहीं तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। फिलहाल पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हादसे की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
