ऋषिकेश। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अपनी विकास यात्रा को और रफ्तार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सूबे के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर देहरादून जिले के लिए करीब 219 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
दरअसल, मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी के सफल पांच साल पूरे होने पर राज्यपाल ने उन्हें बधाई दी और उनके नेतृत्व की जमकर सराहना की। राज्यपाल ने साफ तौर पर कहा कि उत्तराखंड आज देश के भीतर विकास और निवेश का एक नया केंद्र बनकर उभरा है। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश की जनता का आभार जताते हुए कहा कि यह अवसर कोई जश्न मनाने का नहीं, बल्कि आत्ममंथन करने और जनता की सेवा के संकल्प को और मजबूत करने का है। सरकार का सीधा लक्ष्य साल 2035 तक उत्तराखंड को देश का सबसे विकसित और श्रेष्ठ राज्य बनाना है।
₹219 करोड़ की सौगात और राज्यपाल की बधाई
ऋषिकेश में जुटे भारी जनसैलाब के बीच राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि यह सेवा पखवाड़ा अभियान सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की ईमानदारी को दिखाता है। लोकतंत्र की असली कामयाबी यही है कि जब योजनाओं का लाभ समाज के आखिरी पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे। सीएम धामी के पांच साल के कार्यकाल की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्थिरता और जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है।
यूसीसी और सख्त कानूनों से बदली राज्य की तस्वीर
देहरादून जनपद की 51 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास के बाद राज्य सरकार के कड़े फैसलों का जिक्र भी हुआ। राज्यपाल ने याद दिलाया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। इसके साथ ही युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लाया गया देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून, जबरन धर्मांतरण पर रोक और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधानों ने राज्य में कानून व्यवस्था और सुशासन को एक नई दिशा दी है।
महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने ‘लखपति दीदी’ योजना और सरकारी नौकरियों में महिलाओं को मिलने वाले 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण की सराहना की। असल में, राज्य में चल रही होमस्टे योजना, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और केदारनाथ-बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों ने निवेशकों को राज्य की तरफ आकर्षित किया है।
साल 2035 तक श्रेष्ठ उत्तराखंड का संकल्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भावुक होते हुए कहा कि आज से ठीक पांच साल पहले उन्हें देवभूमि की सेवा का मौका मिला था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य की जनता के सहयोग को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार केवल योजनाएं फाइलों में नहीं बनाती, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारती है। यही वजह है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए आए प्रस्तावों में से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आज धरातल पर दिख रहा है।
मुख्यमंत्री ने मंच से अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी कि वे खुद जनता के बीच जाएं, उनकी समस्याओं को मौके पर ही सुलझाएं और सुनिश्चित करें कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ का नारा सच साबित हो। बताया जा रहा है कि इस मौके पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, डॉ. धन सिंह रावत समेत भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
