उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं के लिए सोमवार का दिन बेहद यादगार और खुशियों से भरा रहा। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में स्थित मुख्यसेवक सदन में आयोजित एक बेहद भव्य समारोह के दौरान प्रदेश के 276 होनहार युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। ये सभी अभ्यर्थी नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, प्राविधिक शिक्षा विभाग, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग और वन विभाग के अंतर्गत चुने गए हैं।
इस बेहद खास मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी नवनियुक्त युवाओं को बधाई देते हुए उनके शानदार और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। नियुक्ति पत्र हाथ में आते ही युवाओं और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई।
जानिए किस विभाग को मिले कितने नए सरकारी कर्मचारी
सीएम धामी द्वारा बांटे गए इन नियुक्ति पत्रों में सबसे ज्यादा संख्या वन विभाग की रही। कुल 276 चयनित अभ्यर्थियों में से वन विभाग के अंतर्गत 109 युवाओं को नौकरी मिली है। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के तहत 88 अभ्यर्थियों को, प्राविधिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 65 युवाओं को और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग में चुने गए 14 अभ्यर्थियों को जॉइनिंग लेटर दिए गए हैं।
वर्षों का कड़ा परिश्रम और धैर्य लाया रंग, देश का सबसे सख्त कानून हुआ मददगार
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज नियुक्ति पत्र मिलना केवल एक बड़ी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह आम जनता की सेवा करने के एक नए और बड़े दायित्व की शुरुआत है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बरसों की कड़ी मेहनत, कड़े अनुशासन, संघर्ष और धैर्य के बाद ही आज इन युवाओं को यह बड़ी सफलता हासिल हुई है। यह उनकी छिपी हुई प्रतिभा, अटूट आत्मविश्वास और समर्पण का सबसे बड़ा सबूत है।
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। प्रदेश से नकल माफियाओं और भ्रष्टाचार का नामोनिशान मिटाने के लिए राज्य में देश का सबसे सख्त ‘नकल विरोधी कानून’ लागू किया गया है। इसी का नतीजा है कि आज उत्तराखंड के युवाओं की सफलता का एकमात्र आधार केवल और केवल उनकी योग्यता और मेरिट है।
साढ़े चार साल में दे डालीं 33 हजार सरकारी नौकरियां
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए एक बड़ा आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार सालों के भीतर प्रदेश के लगभग 33 हजार युवाओं को पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर अलग-अलग सरकारी सेवाओं से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया गया है।
सीएम धामी ने सभी नए सरकारी कर्मचारियों से यह उम्मीद जताई कि वे अपनी कार्यकुशलता, पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और अपनी कर्तव्यनिष्ठा के दम पर जनता की सेवा को हमेशा सबसे आगे रखेंगे। उन्होंने कहा कि जब व्यवस्था के अंदर योग्य, ईमानदार और कर्मठ युवा आगे आते हैं, तभी सरकार की विकास योजनाओं का असली लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच पाता है।
हर विभाग के युवाओं की होगी अपनी एक अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने अलग-अलग विभागों में चुने गए युवाओं की जिम्मेदारियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के नए कर्मचारी राज्य के सुनियोजित विकास में अपना योगदान देंगे, प्राविधिक शिक्षा विभाग से जुड़े युवा तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास (स्किल्स) को एक नई और आधुनिक दिशा देंगे। वहीं, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी मां और बच्चों के कल्याण से जुड़े जरूरी कामों को संभालेंगे, जबकि वन विभाग में आए नए युवा उत्तराखंड की अनमोल वन संपदा और जैव विविधता को बचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।
‘विकसित उत्तराखंड-2047’ का बड़ा संकल्प, वादों से ज्यादा काम पर जोर
सीएम धामी ने देश के प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में आज पूरा देश ‘विकसित भारत-2047’ के बड़े संकल्प को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी राज्य सरकार भी इसी तर्ज पर ‘विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प के साथ दिन-रात काम कर रही है। आज प्रदेश में सड़कों और बुनियादी ढांचों का तेजी से विकास हो रहा है, बड़ा निवेश आ रहा है और युवाओं के लिए रोजगार के नए-नए मौके तैयार हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि राज्य सरकार एक ऐसी नई कार्यसंस्कृति को आगे बढ़ा रही है, जहां सिर्फ घोषणा करने से ज्यादा काम की डिलीवरी देने पर, झूठे वादों से ज्यादा धरातल पर परिणाम लाने पर और राजनीति से ऊपर उठकर केवल विकास को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि सभी नए युवा अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
कार्यक्रम में शामिल हुए ये बड़े वीआईपी और कैबिनेट मंत्री
इस गरिमामयी और बड़े समारोह के दौरान मंच पर मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, श्रीमती रेखा आर्या और श्री खजान दास प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्रीमती सविता कपूर, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, श्री चन्द्रेश कुमार, डॉ. आर. राजेश कुमार समेत विभिन्न विभागों के आला अधिकारी भी मौजूद रहे।
