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Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में मई में ही शुरू हो गईं सर्दियां! 10 डिग्री लुढ़का पारा, कांपने लगे लोग

By: Sansar Live Team

On: Monday, June 1, 2026 8:27 AM

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उत्तराखंड में मौसम के बदले मिजाज ने मई के महीने में ही लोगों को सर्दियों की गुलाबी ठंड का अहसास करा दिया है। पूरे प्रदेश में हो रही लगातार बारिश और पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं की वजह से पिछले 24 घंटों के भीतर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक पारा सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। इसके कारण मैदानी इलाकों में भी लोगों को अचानक अलमारी से हल्के गर्म कपड़े और जैकेट निकालने पर मजबूर होना पड़ा है।

देहरादून और टिहरी में पारे की रिकॉर्ड गिरावट

मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से बेहद कम दर्ज किया गया। राजधानी देहरादून में महज 24 घंटे में अधिकतम तापमान 7.2 डिग्री गिरकर 26.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से पूरे 9 डिग्री कम है। वहीं यहां का न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।

पहाड़ी क्षेत्र नई टिहरी में तो ठिठुरन और ज्यादा बढ़ गई है, जहां पारा सामान्य से 10 डिग्री लुढ़ककर 18.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। नई टिहरी में 2.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। दूसरी तरफ, मशहूर पर्यटन नगरी मसूरी में भी रविवार दोपहर तक रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद बाहर से आए पर्यटक अचानक गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।

लखवाड़ बांध परियोजना स्थल पर टला बड़ा हादसा

भारी बारिश के चलते लखवाड़ बहुउद्देशीय बांध परियोजना क्षेत्र के मोई खड्ड में अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिर गए। इस मलबे की चपेट में आने से वहां निर्माण कार्य में लगी तीन पोकलैंड मशीनें पूरी तरह दब गईं। पहाड़ी कटान के काम में जुटे ऑपरेटरों ने मलबे को आता देख मशीनों से कूदकर भागते हुए अपनी जान बचाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार देर शाम को यह घटना इतनी तेजी से हुई कि चालकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मोई खड्ड का यह मलबा लखवाड़ बैंड झरने के पानी के साथ मुख्य बांध निर्माण स्थल तक पहुंच गया था, जिससे काम में बाधा आई।

हवा में नमी का स्तर 80 फीसदी तक पहुंचा

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले दिनों पड़ी भीषण गर्मी के कारण दून और आसपास के क्षेत्रों में जो नमी खत्म हो गई थी, वह लगातार बारिश के कारण वापस लौट आई है। रविवार को देहरादून में आर्द्रता यानी नमी का स्तर 65 से 80 फीसदी के बीच दर्ज किया गया। हवा में नमी का ऐसा ग्राफ आमतौर पर केवल सर्दियों के मौसम में देखा जाता है। यही बड़ी वजह है कि मई के अंत और जून की शुरुआत में भी लोगों को तेज ठिठुरन महसूस हो रही है।

जलभराव और मलबे को लेकर प्रशासनिक मुस्तैदी

बारिश के कारण देहरादून के कई शहरी इलाकों में जलभराव और मलबे की समस्या खड़ी हो गई है। सालावाला, जाखन और डोभालवाला क्षेत्र में नुकसान की शिकायत मिलने के बाद पार्षद भूपेंद्र कठैत, पूर्व पार्षद संजय नौटियाल और पार्षद मोहन बहुगुणा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इसके तुरंत बाद जेसीबी मशीन लगाकर रास्तों से मलबा हटाया गया।

दूसरी ओर, नगर निगम ने इंद्रप्रस्थ एन्क्लेव लेन नंबर-16 में ड्रेनेज ब्लॉक होने के कारण हो रहे जलभराव को देखते हुए रविवार से कॉलोनी में रिचार्ज पिट का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, खाली प्लॉटों में चहारदीवारी बनने के कारण यहां पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई थी, जिसे अब ठीक किया जा रहा है।

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