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‘फिट इंडिया’ को मिली नई ऊंचाई, चमोली के इस दुर्गम इलाके में शुरू हुई देश की सबसे अनोखी अल्ट्रा रन

By: Sansar Live Team

On: Sunday, May 31, 2026 4:56 PM

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उत्तराखंड के सीमांत इलाकों को पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर चमकाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। चमोली जनपद की बेहद खूबसूरत और सामरिक रूप से संवेदनशील नीति घाटी में रविवार को Niti Extreme Ultra Run का बेहद भव्य आगाज हुआ। पहाड़ों की सर्द हवाओं और चुनौतीपूर्ण रास्तों के बीच आयोजित हो रही इस अनूठी दौड़ में हिस्सा लेने के लिए देश के कोने-कोने से एथलीट्स पहुंचे हैं। पर्यटन विभाग ने भारतीय सेना और आईटीबीपी (ITBP) के साथ मिलकर इस मेगा इवेंट की कमान संभाली है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों और देश भर से आए धावकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

दरअसल, इस तीन दिवसीय आयोजन का मकसद सिर्फ एक रेस पूरा करना नहीं है, बल्कि देश के आखिरी छोर पर बसे इन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को नई रफ्तार देना है। इसके जरिए उत्तराखंड की समृद्ध स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी। साथ ही, युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करने का जो सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘फिट इंडिया’ मुहिम के जरिए देखा था, उसे भी पहाड़ों की इन ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा रहा है। आयोजन के पहले ही दिन देशभर के 28 राज्यों से आए 933 प्रतिभागियों ने इस अभियान में शामिल होकर नया इतिहास रच दिया है।

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने दिखाई हरी झंडी

इस भव्य प्रतियोगिता का आधिकारिक शुभारंभ सूबे के काबीना और जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ (हरी झंडी दिखाकर) किया। इस मौके पर धावकों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और पर्यटन संवर्धन के लिए दिन-रात काम कर रही है। असल में, यह आयोजन प्रधानमंत्री की ‘फिट इंडिया’ मुहिम को देश की सीमाओं तक पहुंचाने का एक बेहद सशक्त जरिया बनकर उभरा है।

मंत्री चौधरी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जब इन सीमांत गांवों में एडवेंचर स्पोर्ट्स और पर्यटन की गतिविधियां बढ़ेंगी, तो स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इससे न केवल पहाड़ों से होने वाला पलायन रुकेगा, बल्कि देश की ‘द्वितीय रक्षा पंक्ति’ कहे जाने वाले ये सीमांत गांव आर्थिक और सामाजिक रूप से और ज्यादा मजबूत होंगे।

75 किलोमीटर की बेहद कठिन चुनौती से शुरुआत

पहले दिन की प्रतियोगिताओं की बात करें तो धावकों को बेहद कठिन रास्तों से गुजरना पड़ा। जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि Niti Extreme Ultra Run का आयोजन 31 मई से 2 जून तक किया जा रहा है। उद्घाटन के दिन ‘रिमखिम-नीति-मलारी’ के बीच 75 किलोमीटर की सबसे लंबी और चुनौतीपूर्ण अल्ट्रा रन प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस बेहद मुश्किल ट्रैक पर दमखम दिखाने के लिए 117 जांबाज प्रतिभागी मैदान में उतरे। इसके अलावा, ‘मलारी-नीति-मलारी’ के बीच आयोजित हुई 42 किलोमीटर की अल्ट्रा रन में भी 118 धावकों ने अपनी ताकत और स्टेमिना का शानदार प्रदर्शन किया।

आगामी दो दिनों के शेड्यूल को लेकर पर्यटन विभाग काफी उत्साहित है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में 5, 10 और 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय युवाओं की भागीदारी भी देखने को मिलेगी। वहीं, इस पूरे रोमांचक सफर का समापन गमसाली से मलारी के बीच आयोजित होने वाली 30 किलोमीटर की ‘एमटीबी चैलेंज’ (माउंटेन बाइकिंग) प्रतियोगिता के साथ होगा।

मलारी गांव में लोकगायक किशन महिपाल की सांस्कृतिक संध्या

इस खेल महाकुंभ की शुरुआत जितनी दमदार रही, इसकी पूर्व संध्या भी उतनी ही रंगारंग थी। शनिवार की रात मलारी गांव में पर्यटन विभाग की ओर से एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया था। उत्तराखंड के मशहूर लोकगायक किशन महिपाल ने जब मंच संभाला और अपने एक से बढ़कर एक लोकप्रिय पहाड़ी गीतों की प्रस्तुति दी, तो पूरा माहौल देवभूमि के रंग में रंग गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद देश के अलग-अलग राज्यों से आए धावक और स्थानीय ग्रामीण खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए और देर रात तक इस सांस्कृतिक उत्सव का लुत्फ उठाते रहे।

सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से भी प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। उद्घाटन के इस खास मौके पर दर्जा राज्य मंत्री हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल सहित गृह सचिव शैलेश बगोली और सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल भी मौजूद रहे। भारतीय सेना और आईटीबीपी के आला अधिकारियों व जवानों की मौजूदगी ने धावकों का जोश दोगुना कर दिया। देश के इन दुर्गम और खूबसूरत रास्तों पर दौड़ते एथलीट्स को देखकर साफ है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड का यह सीमांत क्षेत्र एडवेंचर टूरिज्म का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।

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