उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर एक बेहद खास कार्यक्रम में शिरकत की। मौका था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण का। लेकिन इस बार खास बात यह रही कि सीएम धामी ने यह कार्यक्रम अकेले नहीं, बल्कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की नन्ही-मुन्नी छात्राओं के साथ बैठकर सुना। रेडियो पर पीएम मोदी की आवाज गूंज रही थी और मुख्यमंत्री बच्चों के बीच बैठकर उनके विचारों को समझने की कोशिश कर रहे थे।
दरअसल, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित इस कार्यक्रम का माहौल बेहद अनौपचारिक और आत्मीय था। प्रधानमंत्री का संबोधन खत्म होने के बाद सीएम धामी ने छात्राओं से सीधा संवाद किया और उनसे पूछा कि आज उन्हें इस कार्यक्रम से क्या सीखने को मिला। बच्चों ने भी बिना किसी झिझक के मुख्यमंत्री के साथ अपने विचार साझा किए।
समाज में बड़े बदलाव का जरिया बनी ‘मन की बात’
छात्राओं से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यक्रम अब महज एक रेडियो शो नहीं रह गया है, बल्कि यह देशवासियों को प्रेरित करने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हर महीने देश के कोने-कोने से ऐसी प्रेरणादायक कहानियां ढूंढकर लाते हैं, जो दूसरों को जनहित के कार्यों के लिए प्रेरित करती हैं। आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, और स्थानीय उत्पादों (लोकल फॉर वोकल) को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर जो संदेश प्रधानमंत्री देते हैं, वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की बुनियाद रख रहे हैं।
उत्तराखंड के गुमनाम नायकों की तारीफ
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से आज उत्तराखंड में भी कई ऐसे लोग हैं, जो बिना किसी प्रचार के समाज में बड़े-बड़े बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे जमीन से जुड़े लोगों को लगातार पहचान रही है और उन्हें प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। बताया जा रहा है कि सीएम ने बच्चों को भी ऐसे लोगों से सीख लेने की सलाह दी।
भीषण गर्मी से बचाव और पारंपरिक पेयों पर चर्चा
इस बार के ‘मन की बात 134वां संस्करण’ में प्रधानमंत्री ने मौसम के बदलते मिजाज और भीषण गर्मी का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को याद दिलाया कि पीएम मोदी ने सभी से स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने गर्मी से बचने के लिए देश के पारंपरिक और देसी पेयों को अपनाने पर जोर दिया है, साथ ही आम जैसे भारतीय फलों की खूबियों का भी बखान किया है। सीएम ने बच्चों से कहा कि हमें अपने खान-पान में इन पारंपरिक चीजों को शामिल करना चाहिए।
सीएम धामी ने छात्राओं को दिए सफलता के मूलमंत्र
संबोधन खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान छात्रावास की बेटियों पर था। उन्होंने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जीवन में केवल किताबी कीड़ा बनकर नहीं रहना है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और अपनी रुचि के अन्य क्षेत्रों में भी बढ़-चीढ़कर हिस्सा लेना जरूरी है। उन्होंने बेटियों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा, “जीवन में किए गए छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयास ही आगे चलकर बड़े बदलावों का आधार बनते हैं। जब आप पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कोई अच्छा काम करती हैं, तो वो दूसरों के लिए मिसाल बन जाता है।”
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री के साथ विधायक महंत दलीप सिंह रावत भी मौजूद रहे, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी बालिकाओं के उज्जवल भविष्य की कामना की।
