हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार, जिसे मोक्ष का द्वार कहा जाता है और जहां लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने आते हैं, वहां से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स अपनी ही पत्नी का प्रतीकात्मक पिंडदान करता नजर आ रहा है। विचलित करने वाली बात यह है कि दावा किया जा रहा है कि उक्त महिला अभी जीवित है। इस घटना ने न केवल धार्मिक मर्यादाओं पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय पुलिस और तीर्थ पुरोहितों को भी चिंता में डाल दिया है।
दरअसल, यह पूरा मामला हर की पैड़ी के पवित्र घाट का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक अज्ञात व्यक्ति एक महिला की तस्वीर लेकर बैठा है। पहले वह उस तस्वीर पर कथित तौर पर थूकता है और फिर उसे गंगा की लहरों में प्रवाहित कर देता है। इतना ही नहीं, वह व्यक्ति बिल्कुल उसी तरह विधि-विधान से फूल अर्पित करता और ‘पिंड’ जल में डालता दिख रहा है, जैसे किसी मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार के बाद किया जाता है। सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि इस व्यक्ति ने अपनी जीवित पत्नी से परेशान होकर उसका ‘जीवित पिंडदान’ कर दिया है।
आखिर क्या है वायरल वीडियो का सच? पुलिस की जुबानी
वीडियो के सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैलने के बाद हरिद्वार पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। हर की पैड़ी चौकी इंचार्ज संजीत कंडारी ने बताया कि विभाग के संज्ञान में यह मामला आया है और फिलहाल वीडियो की प्रमाणिकता की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो कब का है और इसमें दिख रहा व्यक्ति कौन है।
अधिकारियों का कहना है कि अब तक इस मामले में किसी की ओर से कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि, पुलिस अपने स्तर पर व्यक्ति की पहचान करने और इस अजीबोगरीब कृत्य के पीछे की असली वजह जानने में जुटी है। तस्वीर में दिख रही महिला और उस व्यक्ति के बीच वास्तव में क्या संबंध है, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
रील की लत बनी विवाद की वजह?
इस घटना को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ स्थानीय सूत्रों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि यह शख्स अपनी पत्नी की ‘मोबाइल रील’ बनाने की लत से इस कदर तंग आ चुका था कि उसने गुस्से में आकर यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच रील बनाने और सोशल मीडिया पर अत्यधिक समय बिताने को लेकर अक्सर विवाद होता था। हालांकि, हरिद्वार पुलिस ने साफ कर दिया है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इन दावों को अंतिम सच नहीं माना जा सकता।
अक्सर देखा गया है कि आजकल लोग आपसी झगड़ों को सार्वजनिक करने या बदला लेने के लिए धार्मिक स्थलों का सहारा लेने लगे हैं। अगर यह दावा सही निकलता है, तो यह आधुनिक रिश्तों में बढ़ते तनाव और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों की एक और डरावनी तस्वीर पेश करता है।
‘आस्था के केंद्र पर तमाशा बर्दाश्त नहीं’: तीर्थ पुरोहितों में गुस्सा
इस घटना के सामने आने के बाद तीर्थ पुरोहितों और श्री गंगा सभा ने कड़ा ऐतराज जताया है। श्री गंगा सभा के सचिव उज्ज्वल पंडित ने इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए इसे सनातन परंपराओं का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि हर की पैड़ी करोड़ों हिंदुओं की अटूट आस्था का केंद्र है, यहां इस तरह का ‘तमाशा’ करना कतई स्वीकार्य नहीं है।
उज्ज्वल पंडित ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने या अपने निजी विवादों को निपटाने के लिए पवित्र घाटों की मर्यादा को तार-तार करना एक गंभीर अपराध है। गंगा सभा ने अपील की है कि अगर कोई भी व्यक्ति घाटों पर ऐसी संदिग्ध गतिविधि देखे, तो तुरंत सुरक्षाकर्मियों या प्रशासन को सूचित करे।
फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि उस व्यक्ति तक पहुंचा जा सके। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि श्रद्धा के केंद्रों पर मर्यादा बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है, और निजी रंजिशों के लिए धर्म का सहारा लेना समाज के लिए एक घातक प्रवृत्ति साबित हो सकता है।
