उत्तराखंड की शांत वादियों और यमकेश्वर की पावन धरती पर आज एक बेहद खास नजारा देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक साथ नजर आए। मौका था यमकेश्वर में विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और मुख्यमंत्री योगी के पैतृक गांव पंचूर में आयोजित महायज्ञ का। यह दौरा सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और भावनात्मक भी रहा, जहां ‘पहाड़ के दो लाल’ अपनी जड़ों से जुड़े और क्षेत्र के विकास के लिए एक साथ खड़े नजर आए।
असल में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे थे, जहां उन्होंने श्री विष्णु महायज्ञ में शिरकत की। गांव की मिट्टी में पहुंचकर योगी ने न केवल अपने परिवार और ग्रामीणों के साथ समय बिताया, बल्कि आध्यात्मिक अनुष्ठान का हिस्सा भी बने। इस दौरान उन्होंने पुरानी यादें ताजा कीं और गांव के मंदिर निर्माण पर संतोष जताया।
शिव मंदिर में टेका मत्था, पैतृक गांव में हुआ आध्यात्मिक समागम
कार्यक्रम की शुरुआत दोनों मुख्यमंत्रियों ने यमकेश्वर के प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की। महादेव का आशीर्वाद लेने के बाद योगी आदित्यनाथ जब अपने गांव पंचूर पहुंचे, तो माहौल भावुक हो गया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि तीन साल पहले यहां सिर्फ श्रद्धा थी, लेकिन आज एक भव्य मंदिर खड़ा है। उन्होंने युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि जीवन में तरक्की के लिए हमेशा ‘सकारात्मक दृष्टिकोण’ रखना चाहिए। उनके अनुसार, सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत ईश्वर की भक्ति है।
बिथ्याणी महाविद्यालय को मिली ‘आदर्श कॉलेज’ की सौगात
यमकेश्वर दौरे के दौरान बिथ्याणी स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में विकास की नई लहर दिखी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कॉलेज को ‘आदर्श कॉलेज’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की। साथ ही, क्षेत्र के युवाओं के लिए मिनी स्टेडियम का तोहफा भी दिया। सीएम धामी ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और आधुनिक खेल सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
जब एआई बॉट से मुखातिब हुए दो मुख्यमंत्री
इस दौरे का सबसे दिलचस्प हिस्सा वह रहा जब दोनों मुख्यमंत्री तकनीक से रूबरू हुए। कॉलेज में नई एआई (AI) आधारित वेबसाइट का उद्घाटन किया गया। बताया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ ने खुद एआई बॉट से बातचीत की और कॉलेज की परीक्षा प्रणाली के बारे में सवाल पूछे। वहीं, सीएम धामी ने छात्र संख्या और स्किल डेवलपमेंट जैसे मुद्दों पर एआई से जानकारी ली। यह दिखाता है कि उत्तराखंड के दूरस्थ इलाकों में भी अब शिक्षा को डिजिटल बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
विकास कार्यों की फेहरिस्त में यहीं विराम नहीं लगा। महाविद्यालय के नए भवन और सेमिनार हॉल का उद्घाटन भी किया गया। साथ ही ‘विकसित भारत एक संकल्प’ पुस्तक का विमोचन हुआ, जो आने वाले समय में छात्रों के लिए मार्गदर्शक बनेगी।
ओपन जिम में व्यायाम और फिटनेस का संदेश
सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, सेहत पर भी दोनों मुख्यमंत्रियों का जोर रहा। कॉलेज परिसर में नवनिर्मित ओपन जिम का लोकार्पण करते हुए योगी और धामी ने खुद कसरत की। जिम के उपकरणों पर हाथ आजमाते हुए उन्होंने संदेश दिया कि एक मजबूत राष्ट्र के लिए युवाओं का फिट रहना बेहद जरूरी है। इसके बाद प्रस्तावित स्टेडियम की जमीन का निरीक्षण कर उन्होंने अधिकारियों को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, धन सिंह रावत और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। यमकेश्वर की जनता के लिए यह दिन इसलिए भी यादगार रहा क्योंकि एक तरफ उनके अपने गांव का बेटा (योगी आदित्यनाथ) देश के सबसे बड़े राज्य का नेतृत्व कर रहा है, तो दूसरी तरफ युवा मुख्यमंत्री धामी राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
