उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। पिथौरागढ़ भ्रमण के दौरान सरकारी कार्यक्रमों और जनसभाओं की गहमागहमी के बीच मुख्यमंत्री अचानक जिले के बी डी पाण्डेय जिला अस्पताल पहुंच गए। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल एक औपचारिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि उन्होंने अस्पताल के भीतर वार्ड-वार्ड घूमकर मरीजों का दर्द साझा किया। उन्होंने साफ संदेश दिया कि सूबे के आखिरी छोर पर बैठे व्यक्ति को भी इलाज के लिए भटकना नहीं चाहिए।
दरअसल, पिथौरागढ़ भ्रमण कार्यक्रम के समापन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री धामी का काफिला सीधे जिला अस्पताल की ओर मुड़ गया। यहां उन्होंने इमरजेंसी और चिल्ड्रन वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने न केवल चिकित्सा व्यवस्थाओं को देखा, बल्कि बिस्तर पर भर्ती मरीजों के पास जाकर उनका हाथ थामा और स्वास्थ्य लाभ की कामना की। बच्चों के वार्ड में पहुंचते ही मुख्यमंत्री का एक अलग और संवेदनशील रूप देखने को मिला, जहां उन्होंने बीमार बच्चों के परिजनों से बात कर उनका हौसला बढ़ाया।
‘इलाज के अभाव में कोई परेशान न हो’
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए जिला अस्पताल ही सबसे बड़ा सहारा होता है, ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। Pushkar Singh Dhami Pithoragarh Hospital Visit के दौरान उन्होंने अधिकारियों से दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों की उपस्थिति पर भी रिपोर्ट ली।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने अस्पताल में साफ-सफाई और मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं में कोई कटौती न की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी मरीज को उपचार के अभाव में वापस न लौटना पड़े।
परिजनों से संवाद और सीधा भरोसा
अस्पताल में मौजूद मरीजों के तीमारदारों के लिए यह किसी सुखद आश्चर्य से कम नहीं था कि प्रदेश का मुखिया खुद उनके पास आकर समस्याएं पूछ रहा है। मुख्यमंत्री ने परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा, “अगर आपको इलाज में कोई दिक्कत आती है या कोई सुविधा नहीं मिल रही है, तो आप बेझिझक अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाएं।” उन्होंने मौके पर मौजूद जिलाधिकारी आशीष भटगाईं को निर्देश दिए कि वे मरीजों की समस्याओं का त्वरित समाधान करें।
मुख्यमंत्री ने परिजनों से कहा कि वे अपनी शिकायतें जिलाधिकारी के माध्यम से सीधे उन तक भी पहुंचा सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों में एक नया भरोसा जगाया। अस्पताल में भर्ती एक बुजुर्ग मरीज के तीमारदार ने बताया कि मुख्यमंत्री का खुद आकर हालचाल पूछना यह बताता है कि सरकार जमीन पर काम कर रही है।
सीमांत क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का संकल्प
पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में यह भी दोहराया कि पहाड़ की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सा के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है ताकि गंभीर मामलों में मरीजों को हायर सेंटर रेफर करने की नौबत कम आए। जिला अस्पताल पिथौरागढ़ में सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी उन्होंने सकारात्मक संकेत दिए।
अंत में, मुख्यमंत्री ने अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के कार्यों की सराहना भी की, लेकिन साथ ही यह नसीहत भी दी कि मरीजों के प्रति सेवा भाव में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। उनका यह दौरा न केवल प्रशासनिक कसावट लाने वाला रहा, बल्कि आम जनता के बीच उनकी छवि को एक संवेदनशील और जन-सरोकारी नेता के रूप में और पुख्ता कर गया।
