अगरतला के एडी नगर पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन देवबर्मा स्मृति स्टेडियम में गुरुवार सुबह बाइकों की गड़गड़ाहट कुछ खास थी। त्रिपुरा पुलिस ने यहीं से नशे के खिलाफ अपनी अब तक की सबसे बड़ी पहल की शुरुआत की — Tripura Police anti-drug motorcycle rally, यानी करीब 3,000 किलोमीटर लंबी मोटरसाइकिल रैली, जो अगरतला से निकलकर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) तक का सफर तय करेगी।
रैली को राज्य के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (DGP in-charge) जीके राव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। “Fight Against Drugs” थीम पर आयोजित यह अभियान कई राज्यों से गुजरते हुए अंत में एकता नगर पहुंचेगा, जहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थित है। राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर) से पहले इसे “नशा मुक्त भारत” के संकल्प को देशभर तक पहुंचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल, इस रैली के पीछे दो संदेश एक साथ हैं — राष्ट्रीय एकता का और नशामुक्ति का। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नशे के जाल को तोड़ने के लिए सिर्फ कार्रवाई पर्याप्त नहीं है; आम लोगों, खासकर युवाओं को साथ लाना जरूरी है। यही वजह है कि इस लंबे सफर को एक जन-जागरूकता अभियान का रूप दिया गया है।
रैली का रास्ता और संदेश
अगरतला से शुरू हुई यह रैली देश के कई राज्यों से होकर गुजरेगी और गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में समाप्त होगी। त्रिपुरा पुलिस के अनुसार, यह अभियान सिर्फ एक लंबी बाइक यात्रा नहीं, बल्कि एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सौहार्द का संदेश सीधे लोगों और समुदायों तक पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। रास्ते में पड़ने वाले शहरों और कस्बों में यह रैली नशे के खिलाफ जागरूकता का माहौल बनाएगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
रैली के समापन के लिए एकता नगर का चुनाव प्रतीकात्मक है। यहां दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा — स्टैच्यू ऑफ यूनिटी — स्थित है, जो सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान की याद दिलाती है। राष्ट्रीय एकता दिवस हर साल 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर मनाया जाता है, और इसी मौके से पहले रैली का समापन राष्ट्रीय एकता के संदेश को और मजबूती देगा।
युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर
रैली को हरी झंडी दिखाते हुए कार्यवाहक DGP जीके राव ने कहा कि इस अभियान का मकसद नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करना है, खासकर युवाओं के बीच। उन्होंने समुदायों से आग्रह किया कि वे नशे की लत के खिलाफ इस लड़ाई में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
असल में, नशा आज समाज की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है। युवा पीढ़ी इस खतरे की सबसे आसान शिकार बनती है, और एक बार नशे की लत लग जाए तो पूरा परिवार उसकी कीमत चुकाता है। ऐसे में पुलिस की यह पहल यह संदेश देती है कि नशे से लड़ाई सिर्फ थाने-कचहरी तक सीमित नहीं, बल्कि घर-घर, स्कूल-कॉलेज और हर गली-मोहल्ले तक पहुंचनी चाहिए।
“नशा मुक्त भारत” का संकल्प केंद्र सरकार के स्तर पर भी एक बड़े अभियान का रूप ले चुका है, और त्रिपुरा पुलिस की यह रैली उसी कड़ी में राज्य स्तर की एक मजबूत पहल मानी जा रही है।
Tripura Police anti-drug motorcycle rally में देशभर के सुरक्षाबल
इस अभियान की एक खास बात यह भी है कि इसमें राज्य पुलिस बलों के साथ-साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF), केंद्रीय पुलिस संगठनों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कर्मी भी शामिल हैं। यानी यह लड़ाई सिर्फ त्रिपुरा पुलिस की नहीं, बल्कि देश के पूरे सुरक्षा तंत्र की साझा जिम्मेदारी के रूप में पेश की जा रही है।
रैली का समापन एकता नगर में होगा, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों से आए सुरक्षा कर्मी और प्रतिभागी एक साथ इकट्ठा होंगे। आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रीय एकता और नशामुक्ति के संदेश को एक साथ जोड़कर यह अभियान एक स्वस्थ और नशा-मुक्त समाज के निर्माण की सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत करेगा।
बहरहाल, 3,000 किलोमीटर का यह सफर महज मील के पत्थर गिनने का काम नहीं करेगा — रास्ते भर यह रैली जिस भी शहर-कस्बे से गुजरेगी, वहां नशे के खिलाफ संदेश छोड़ती जाएगी। और शायद यही इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है: वर्दीधारी जवान जब बाइक पर सवार होकर एकता और नशामुक्ति की बात कहते हैं, तो वह बात आम लोगों के दिल तक पहुंचती है।















