रविवार को चेन्नई के मेट्रो नक्शे पर एक नई लाइन जुड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मिलकर Chennai Metro Phase 2 के पहले ऑपरेशनल स्ट्रेच — पूनमल्ली से वडपलानी — को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर दोनों नेताओं ने पोरुर बायपास रोड मेट्रो स्टेशन से ट्रेन में साथ सफर भी किया, और खबर तो यह है कि प्रधानमंत्री ने अपने टिकट का भुगतान खुद UPI से किया।
सुबह करीब साढ़े 11 बजे का समय था, जब दोनों नेताओं ने पोरुर बायपास स्टेशन पर सुविधाओं का निरीक्षण किया और फिर पहली ट्रेन को रवाना किया। उद्घाटन कार्यक्रम के बाद आम यात्रियों के लिए यह रूट शाम करीब चार बजे से खोल दिया गया। दरअसल, यह स्ट्रेच Chennai Metro Rail Limited के 118.9 किलोमीटर लंबे फेज-2 नेटवर्क का पहला चालू हिस्सा है, जिस पर लगभग छह साल से काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि इसके उद्घाटन में करीब दस महीने की देरी भी हुई थी।
Chennai Metro Phase 2 का पहला रूट: 11 स्टेशन, किराया और टाइमिंग
पूनमल्ली–वडपलानी कॉरिडोर पर कुल 11 स्टेशन हैं — पूनमल्ली बायपास, पूनमल्ली बस स्टैंड, पूनमल्ली सरकारी अस्पताल, करैयांचावड़ी, कुमारनचावड़ी, कट्टुपक्कम, इयप्पंथंगल, तेल्लियारगरम, पोरुर बायपास, पोरुर जंक्शन और वडपलानी। यह रूट शहर के पश्चिमी उपनगरों को वडपलानी जैसे व्यावसायिक इलाके से जोड़ता है, जहां सड़कें रोज़ भीड़ से भरी रहती हैं।
किराये की बात करें तो न्यूनतम किराया 10 रुपये से शुरू होता है और पूरी दूरी के लिए अधिकतम 40 रुपये तय किया गया है। अगर कोई यात्री फेज-1 और फेज-2 के बीच लाइन बदलकर लंबा सफर करता है, तो अधिकतम किराया 50 रुपये से ज्यादा नहीं होगा।
शुरुआती दिनों में ट्रेनें सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक चलेंगी, और पहले चरण में इस रूट पर 15 ट्रेनें उतारी गई हैं। पीक घंटों — सुबह 8 से 11 और शाम 5 से 8 बजे — में हर 10 मिनट पर ट्रेन मिलेगी, जबकि नॉन-पीक घंटों में यह अंतराल 15 मिनट का रहेगा। असल में, रात के समय पोरुर जंक्शन से वडपलानी के बीच छह स्टेशनों पर निर्माण कार्य चलता रहेगा, इसलिए शुरुआती घंटों को थोड़ा सीमित रखा गया है। यह स्टेशन हैं — अलपक्कम, करंबक्कम, वलसरावक्कम, अलवरथिरुनगर, सालिग्रामम वेयरहाउस और सालिग्रामम।
₹13,000 करोड़ की सौगात: हाईवे, रेल और पोर्ट पर बड़े ऐलान
मेट्रो उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने आईआईटी-मद्रास में आयोजित कार्यक्रम में तमिलनाडु के लिए 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने खुद सोशल मीडिया पर तमिल में इस बारे में जानकारी दी थी।
सड़क क्षेत्र में एनएच-744 के वडुगपत्ती–थेरकुवेंगनल्लूर सेक्शन को चार लेन बनाने और मदुरै रिंग रोड (एनएच-744A) की परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ, जबकि एनएच-83 पर थिरुवरुर बायपास की आधारशिला रखी गई। रेलवे में कराईकल–पेरालम रेल लाइन और कोयंबटूर क्षेत्र में तीन रेल फ्लाईओवर समर्पित किए गए, साथ ही अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पलानी, वेल्लोर कैंटोनमेंट, अंबासमुद्रम, परमकुडी और नमक्कल — पांच स्टेशनों का भी लोकार्पण हुआ।
बंदरगाहों के मोर्चे पर चेन्नई पोर्ट में क्रूज़ टर्मिनल का उन्नयन, स्टोरेज यार्ड और एक्सिम गोदामों की घोषणा हुई। वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट में कंटेनर क्षमता बढ़ाने की आठ परियोजनाएं और कामराजार पोर्ट में कोल बर्थ-3 के लोकार्पण के साथ कैपिटल ड्रेजिंग की आधारशिला भी शामिल रही। इनके अलावा कोयंबटूर में नए फ्लाईओवर और आईआईटी-मद्रास में सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर का भी ऐलान हुआ।
विजय सरकार के बाद मोदी का पहला चेन्नई दौरा
राजनीतिक लिहाज से भी यह दौरा खास रहा। तमिलनाडु में विजय सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री का यह पहला चेन्नई दौरा था। चेन्नई हवाई अड्डे पर राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर, मुख्यमंत्री विजय, कई मंत्री, एआईएडीएमके महासचिव एडप्पाडी के. पलनीस्वामी और भाजपा नेता नैनार नागेंथ्रन समेत कई नेताओं ने उनकी अगवानी की। शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
फेज-2 नेटवर्क का उद्घाटन तमिलनाडु की सबसे चर्चित शहरी परिवहन परियोजनाओं में से एक है। फेज-1 नेटवर्क 2015 से शहर में चल रहा है, और अब फेज-2 का यह पहला स्ट्रेच खुलने के साथ नेटवर्क के विस्तार की दिशा में ठोस कदम उठा है। आने वाले समय में जब पूरा फेज-2 नेटवर्क तैयार होगा, तो चेन्नई के लाखों दैनिक यात्रियों की जिंदगी बदलेगी — और आज का दिन उसी बड़े बदलाव की पहली सीढ़ी के तौर पर याद किया जाएगा।















