कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अब तक का सबसे बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मांग की है कि लोकसभा और सभी विधानसभाएं तुरंत भंग की जाएं और बैलेट पेपर से नए चुनाव कराए जाएं।
सभी चुनाव ‘अवैध’ करार
एसआईआर और चुनावी अनियमितताओं पर चल रही बहस के बीच खरगे ने कहा कि मौजूदा सरकारें जिन चुनावों से सत्ता में आई हैं, वे सभी अवैध हैं। कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम के दुरुपयोग और एसआईआर की गड़बड़ियों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्रियों के निर्वाचन को भी अवैध बताया।
मतदाता सूची से नाम कटने का आरोप
खरगे का आरोप है कि एसआईआर के दौरान एक-एक मतदान केंद्र से बड़ी संख्या में गरीब मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। इससे गरीब, मजदूर, अनपढ़ और अल्पसंख्यक मतदाता सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वार्डों, पंचायतों और गांवों में जाकर साजिशन नाम कटवाने के फॉर्म भरवाए जा रहे हैं।
2023 के कानून पर निशाना
खरगे ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी 2023 के कानून की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पहले चयन समिति में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सीजेआई होते थे, जिसे नए कानून में बदल दिया गया।
विपक्ष की आगे की रणनीति
खरगे ने बताया कि 30 सितंबर की विपक्षी बैठक में आंदोलन जारी रखने का फैसला हुआ है। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। राज्यों में भी प्रदर्शन होंगे। यूपी विधानसभा चुनाव पर उन्होंने कहा कि बहिष्कार का विकल्प नहीं है, गड़बड़ियों का विरोध लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।









