मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए चल रही इस योजना के तहत अब शादी के बाद सहायता राशि का बड़ा हिस्सा सीधे कन्या के बैंक खाते में भेजा जाएगा। इससे भुगतान प्रक्रिया आसान होगी और लाभ सीधे लाभार्थी तक पहुंचेगा।
64 हजार रुपये सीधे खाते में
नए प्रावधानों के अनुसार अब शादी के बाद कन्या के बैंक खाते में 64 हजार रुपये की नकद राशि ट्रांसफर की जाएगी। वहीं, सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन और दूल्हा-दुल्हन को दिए जाने वाले उपहारों पर होने वाले खर्च में कटौती की गई है। हालांकि प्रति जोड़े कुल एक लाख रुपये की सीमा पहले जैसी ही रखी गई है।
सत्यापन के बाद मिलेगा लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता संबंधी दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होता है। विभाग आवेदन के बाद दस्तावेजों, पात्रता और बैंक खाते की जांच करता है। सत्यापन पूरा होते ही पात्र जोड़ों को आगामी सामूहिक विवाह समारोह में शामिल कर लिया जाता है।
779 का लक्ष्य, मिले सिर्फ 325 आवेदन
इस वित्तीय वर्ष में 779 सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य है, लेकिन छह महीने बीतने के बाद भी सिर्फ 325 आवेदन मिले हैं। कम आवेदनों के कारण लक्ष्य पूरा करना चुनौती बना हुआ है, इसलिए अधिकारी गांव-गांव जाकर योजना की जानकारी दे रहे हैं। समाज कल्याण विभाग नोडल विभाग है। जिला समाज कल्याण अधिकारी अर्चना के अनुसार सत्यापन पूरा होने के बाद अक्टूबर के अंत या नवंबर के पहले हफ्ते में समारोह हो सकता है। अंतिम तारीख तैयारियां पूरी होने के बाद तय होगी।









