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देहरादून में मर्सिडीज से 4 लोगों को कुचलने वाला आरोपी वंश कत्याल गिरफ्तार, कबूला जुर्म

By: Sansar Live Team

On: Thursday, March 13, 2025 12:19 PM

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देहरादून : 12 मार्च 2025 को देहरादून के थाना राजपुर क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ। उत्तरांचल हॉस्पिटल के पास, साईं मंदिर के निकट, एक तेज रफ्तार मर्सिडीज कार (Mercedes Car) ने सड़क पर पैदल जा रहे चार लोगों और एक स्कूटी (UK 07-AE-5150) को टक्कर मार दी। चंडीगढ़ नंबर की इस कार को चालक ने खतरनाक तरीके से चलाया, जिसके चलते चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि स्कूटी सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

इस भयानक घटना की खबर मिलते ही पुलिस महानिरीक्षक (IG) गढ़वाल और एसएसपी देहरादून तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों और चश्मदीदों से बातचीत कर हादसे की जानकारी ली और आरोपी चालक को पकड़ने के लिए जरूरी निर्देश दिए। मृतक मंशाराम के चाचा संजय कुमार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और IPC की धारा 105, 125, 281, और 324(4) के तहत जांच शुरू की।

इस हादसे की गुत्थी सुलझाने के लिए एसएसपी देहरादून ने कई टीमें बनाईं। शुरुआती जांच में चश्मदीदों ने बताया कि हादसे में मर्सिडीज जैसी गाड़ी शामिल थी। इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और ANPR कैमरों की मदद से संदिग्ध गाड़ी की तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि घटना के समय 11 ऐसी गाड़ियां वहां से गुजरी थीं, जिनमें से एक सिल्वर ग्रे रंग की मर्सिडीज (CH-01-CN-0665) का एक तरफ का हिस्सा क्षतिग्रस्त था।

पुलिस ने इस गाड़ी की जानकारी जुटाई तो पता चला कि इसे चंडीगढ़ की हरबीर ऑटोमोबाइल्स एजेंसी ने रजिस्टर कराया था। इसके बाद एक टीम तुरंत चंडीगढ़ भेजी गई। वहां पता चला कि हरबीर ऑटोमोबाइल्स ने फरवरी 2023 में यह गाड़ी खरीदी थी और जून 2023 में इसे दिल्ली के डीलर विनी ऑटोहब को बेच दिया था।

दिल्ली में जांच के दौरान विनी ऑटोहब ने बताया कि गाड़ी को उनकी दूसरी एजेंसी दिल्ली कार मॉल को ट्रांसफर किया गया था। फिर जुलाई 2024 में लखनऊ के जतिन प्रसाद वर्मा ने इसे खरीदा, जो जाखन में रहते हैं और देहरादून में कारोबार के सिलसिले में आते-जाते रहते हैं।

पुलिस ने देहरादून की बर्कले मोटर्स मर्सिडीज बेंज सर्विस सेंटर से भी जानकारी ली, जहां 29 नवंबर 2024 को यह गाड़ी सर्विसिंग के लिए आई थी और जतिन प्रसाद वर्मा के नाम पर रजिस्टर्ड थी। लगातार सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने गाड़ी को सहस्रधारा के एक खाली प्लॉट से बरामद किया। आसपास के लोगों से पूछताछ में मोहित मलिक नाम के शख्स ने बताया कि उनके दोस्त वंश कत्याल ने रात में गाड़ी वहां खड़ी की थी। वंश ने मोहित से स्कूटी मांगी थी ताकि अपने भतीजे को जाखन छोड़ सके।

जतिन प्रसाद वर्मा से पूछताछ में पता चला कि 12 मार्च 2025 को उनके साले वंश कत्याल ने गाड़ी ली थी। इसके बाद पुलिस ने वंश को ISBT के पास से गिरफ्तार कर लिया। वंश ने बताया कि वह मुरादाबाद का रहने वाला है और BBA करने के बाद दिल्ली में नौकरी करता था।

नौकरी छूटने के बाद वह देहरादून आया और वाडिया इंस्टीट्यूट के सामने मोहित विहार में PG में रह रहा था। 12 मार्च को वह अपने भतीजे के साथ जीजा की मर्सिडीज से राजपुर घूमने गया था। वापसी में जाखन आते वक्त दो स्कूटियां अचानक सामने आ गईं, जिनमें से एक से टक्कर हुई और गाड़ी अनियंत्रित होकर पैदल चल रहे चार लोगों से जा टकराई। डर के मारे उसने गाड़ी सहस्रधारा में छिपा दी और मोहित की स्कूटी से भतीजे को छोड़ने गया। पुलिस ने उसे ISBT से पकड़ लिया।

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