Haridwar Film Academy Case ने फिल्म इंडस्ट्री के नाम पर हो रहे शोषण की एक और गंभीर कहानी उजागर की है। मुंबई के एक नामी संस्थान में सिनेमैटोग्राफी का हुनर सीखने गई हरिद्वार की युवती के साथ यौन उत्पीड़न, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग और लाखों रुपये की रंगदारी वसूलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इस पूरे प्रकरण में हरिद्वार नगर कोतवाली पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी एकेडमी संचालक और उसकी पत्नी के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है। चूंकि घटना की जगह महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई है, इसलिए क्षेत्राधिकार के तहत केस डायरी को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर मुंबई पुलिस को ट्रांसफर किया जा रहा है।
Haridwar Film Academy Case: डिप्लोमा कोर्स के दौरान रची गई साजिश
पीड़ित युवती ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह अप्रैल 2018 में मुंबई गई थी। वहां उसने एक प्रतिष्ठित फिल्म एकेडमी में एक साल के सिनेमैटोग्राफी डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लिया, जिसके लिए 1.5 लाख रुपये बतौर फीस जमा किए गए थे।
पढ़ाई के दौरान उसका काम बाकी छात्रों से बेहतर था, जिस कारण संचालक का ध्यान उस पर अधिक रहने लगा। एक दिन क्लास के दौरान संचालक ने सबके सामने उसे बुरी तरह जलील कर दिया, जिससे वह काफी सहम गई। बाद में शाम को संचालक ने अपने बर्ताव के लिए माफी मांगी और युवती का भरोसा जीतने के लिए उसे गाड़ी से बाहर ले जाने की जिद की। युवती ने पहले मना किया, लेकिन दबाव के चलते वह साथ चली गई।
शूटिंग के बहाने ले जाकर नशीला पदार्थ देकर शोषण
तहरीर के मुताबिक, कुछ दिनों बाद आरोपी संचालक उसे मुंबई के एक इलाके में शूटिंग की बात कहकर अपने साथ ले गया। वहां उसने युवती को खाना खिलाया, जिसे खाने के तुरंत बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह बेसुध हो गई। इसी हालत का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया।
इतना ही नहीं, संचालक ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो क्लिप तैयार कर लीं। इसके बाद शुरू हुआ खौफनाक ब्लैकमेलिंग का खेल। बदनामी का डर दिखाकर आरोपी लगातार युवती का शोषण करता रहा।
पत्नी पर साथ देने और 21 लाख रुपये की रंगदारी का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि इस पूरी साजिश में संचालक की पत्नी भी शामिल थी। मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से तंग आकर जब युवती ने वापस हरिद्वार लौटने का फैसला किया और अपनी जमा फीस वापस मांगी, तो दोनों ने उसके साथ मारपीट व गाली-गलौज की। उसका ओरिजिनल डिप्लोमा सर्टिफिकेट भी जब्त कर लिया गया।
आरोपियों ने चुप रहने और जान बख्शने के बदले 21 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। पैसे न देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकियां दी जाने लगीं। डर और तनाव के साए में किसी तरह युवती जुलाई 2022 में हरिद्वार अपने घर लौटी, लेकिन फोन पर धमकियों का सिलसिला थमा नहीं।
लंबे समय तक डर के साए में जीने के बाद पीड़िता ने आखिरकार हिम्मत जुटाई और हरिद्वार नगर कोतवाली पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। हरिद्वार के एसपी सिटी ने बताया कि युवती की तहरीर बेहद गंभीर प्रकृति की है।
बताया जा रहा है कि जीरो एफआईआर का प्रावधान पीड़ित को किसी भी थाने में शिकायत दर्ज कराने की सुविधा देता है, भले ही अपराध किसी अन्य क्षेत्र में हुआ हो। प्राथमिक सूचना के आधार पर कोतवाली में फौरन जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई है। चूंकि मुख्य अपराध स्थल मुंबई का है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित थाने को केस डायरी और मेडिकल रिपोर्ट तुरंत भेजी जा रही है, ताकि मुंबई पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित कर सके।












