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Dehradun Kidnapping Attempt: नालापानी चौक पर महिला को कार में खींचने वाला मुख्य आरोपी हरिद्वार से गिरफ्तार

On: October 12, 2026 6:07 AM
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देहरादून के नालापानी चौक पर दिनदहाड़े एक महिला को कार में जबरन खींचकर ले जाने की कोशिश का मुख्य आरोपी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है। 19 वर्षीय प्रियांशु को पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने हरिद्वार के नवोदय नगर के पास से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी उस Dehradun kidnapping attempt के सनसनीखेज मामले में हुई है, जिसने कुछ दिनों पहले पूरे शहर को हिला कर रख दिया था।

मामला 23 सितंबर का है। पीड़िता सुषमा शर्मा ने रायपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि नालापानी चौक के पास कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोगों की नजर पड़ी, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। तहरीर मिलते ही रायपुर पुलिस ने मु०अ०सं० 394/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 126(2), 140(3), 61(2) और 62 के तहत मुकदमा दर्ज किया। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की गईं।

Dehradun Kidnapping Attempt: उधारी के विवाद ने रची थी पूरी साजिश

पुलिस की पूछताछ में प्रियांशु ने कई अहम राज उगले हैं। आरोपी ने खुलासा किया कि उसके परिचित दीपक का पीड़िता सुषमा से पैसों के लेन-देन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। दीपक के कहने पर ही वह अपने दो अन्य साथियों आदित्य और लक्की के साथ देहरादून आया था। असल में मकसद महिला को डराना और धमकाना था, ताकि वह पैसे का निपटारा कर दे। लेकिन नालापानी चौक पर स्थिति बिगड़ गई और तीनों ने जबरन महिला को गाड़ी में खींचने का प्रयास किया।

दरअसल, यह पूरी घटना उधारी और पैसों के विवाद से जुड़ी थी। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर महिला पर दबाव बनाने और उसे डराने के इरादे से देहरादून पहुंचा था। बताया जा रहा है कि आरोपियों को अंदाजा नहीं था कि दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले इलाके में उनकी यह हरकत तुरंत लोगों की नजर में आ जाएगी और पुलिस महकमा हरकत में आ जाएगा।

महिला आरोपी की पूछताछ से खुली साजिश की परतें

जांच के शुरुआती दौर में ही पुलिस ने एक महिला आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। उसी पूछताछ से साफ हुआ कि लेन-देन के पुराने विवाद को सुलझाने के नाम पर डराने-धमकाने की यह योजना रची गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला आरोपी की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस को आरोपियों के ठिकानों के बारे में सुराग मिलना शुरू हो गया था।

लगातार दबिश दे रही पुलिस टीम को 27 सितंबर को सटीक सूचना मिली। इसके बाद टीम ने हरिद्वार के नवोदय नगर के पास घेराबंदी कर मुख्य आरोपी प्रियांशु को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान प्रियांशु ने अपने साथियों के नाम और उनकी भूमिका का खुलासा भी किया, जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

फरार साथियों की तलाश में छापेमारी तेज

पकड़ा गया प्रियांशु मूल रूप से हरिद्वार के मंगलौर स्थित ग्राम नगला एहमाद का निवासी है और वर्तमान में सिडकुल थाना क्षेत्र के अन्नकी, रोशनाबाद में रह रहा था। पुलिस टीम में अपर उपनिरीक्षक सुनील रावत, हेड कांस्टेबल दीप प्रकाश, प्रेम पावर, कांस्टेबल मनोज और एसओजी के हेड कांस्टेबल किरण कुमार शामिल रहे।

पुलिस का कहना है कि दीपक, आदित्य और लक्की की गिरफ्तारी के लिए हरिद्वार और आसपास के इलाकों में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि फरार आरोपियों को भी जल्द पकड़कर अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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