सर्दियों के आते ही अलमारियों से स्वेटर, शॉल और जैकेट बाहर आ जाते हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि एक ही सीजन में ऊनी कपड़े बेजान, फूले हुए या कीड़ों की वजह से खराब हो जाते हैं। अगर woollen clothes care के सही तरीके अपनाए जाएं, तो आपके महंगे स्वेटर कई सालों तक नए जैसे बने रह सकते हैं। दरअसल, ऊनी कपड़ों की देखभाल में न तो ज्यादा पैसा लगता है और न ही ज्यादा मेहनत — बस सही तरीका जानना जरूरी है।
असल में ऊन एक नाजुक फाइबर है, जो गलत धुलाई और गलत स्टोरेज से जल्दी खराब हो जाता है। मशीन में तेज स्पिन, गर्म पानी या तेज धूप — ये सब ऊनी कपड़ों के दुश्मन हैं। इसलिए सर्दी शुरू होने से पहले ही इनकी सही देखभाल के नियम जान लेना समझदारी है। आइए जानते हैं ऊनी कपड़ों को लंबे समय तक नया बनाए रखने के आसान और असरदार तरीके, जो हर घर में अपनाए जा सकते हैं।
धुलाई और सुखाने का सही तरीका: woollen clothes care की नींव
ऊनी कपड़ों को कभी भी गर्म पानी में न धोएं, क्योंकि इससे ऊन सिकुड़ जाता है और कपड़े की फिटिंग खराब हो जाती है। हमेशा ठंडे या गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें और हल्के डिटर्जेंट या वूल-वॉश लिक्विड से धोएं। हाथ से धोते समय कपड़े को रगड़ें नहीं, बल्कि हल्के से दबाकर साफ करें। मशीन में धोना हो तो वूल या डेलिकेट मोड चुनें और कपड़ों को उल्टा करके धोएं, ताकि रोएं न निकलें और रंग भी बचा रहे।
सुखाते समय भी उतनी ही सावधानी जरूरी है। ऊनी कपड़ों को कभी भी सीधी तेज धूप में न सुखाएं, क्योंकि इससे रंग फीका पड़ जाता है और ऊन का फाइबर कमजोर होता है। कपड़े को निचोड़ने के बजाय साफ तौलिए में लपेटकर पानी निकालें और छांव में फैलाकर सुखाएं। भारी स्वेटर को हैंगर पर लटकाने से बचें, वरना कंधों पर निशान पड़ जाते हैं और कपड़ा खिंच जाता है — इन्हें समतल सतह पर फैलाकर सुखाना सबसे अच्छा तरीका है।
नेफ्थलीन और कपूर से स्टोरेज, कीड़ों से बचाव
गर्मियों में ऊनी कपड़ों को सही तरीके से स्टोर करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। स्टोर करने से पहले कपड़ों को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें, क्योंकि हल्की नमी में भी फफूंद लगने का खतरा रहता है। फिर इन्हें साफ सूती कपड़े या बैग में लपेटकर रखें। अलमारी में नेफ्थलीन की गोलियां या कपूर की टिकिया रखना कीड़ों से बचाव का पुराना और असरदार तरीका है, जिसे आज भी बड़े पैमाने पर अपनाया जाता है।
कपूर की खुशबू कीड़ों को दूर रखती है, लेकिन ध्यान रखें कि नेफ्थलीन या कपूर सीधे कपड़ों को न छुएं, वरना दाग पड़ सकते हैं। इन्हें छोटे कपड़े की पोटली में बांधकर अलमारी के कोनों में रखें। नीम की सूखी पत्तियां भी एक अच्छा प्राकृतिक विकल्प हैं। समय-समय पर स्टोर किए गए कपड़ों को निकालकर हल्की धूप दिखाना भी अच्छा रहता है, ताकि नमी और सीलन की बदबू जमा न हो।
रोएं हटाना और कपड़ों को लंबे समय तक नया रखना
ऊनी कपड़ों पर रोएं यानी पिलिंग होना आम बात है, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। रोएं हटाने के लिए बाजार में मिलने वाले लिंट रिमूवर या फैब्रिक शेवर का इस्तेमाल करें। रेजर से रोएं हटाते समय हल्के हाथ का इस्तेमाल करें, ताकि कपड़ा न कटे। नियमित रूप से लिंट रोलर चलाने से कपड़े साफ और नए जैसे दिखते हैं और उनकी चमक बनी रहती है।
इसके अलावा ऊनी कपड़ों को बार-बार धोने से बचें — हल्की गंदगी को गीले कपड़े से पोंछकर भी साफ किया जा सकता है। पहनने के बाद कपड़ों को खुली हवा में थोड़ी देर रखें, ताकि पसीने की नमी निकल जाए और बदबू न जमा हो। दरअसल, woollen clothes care का मूल सिद्धांत यही है — कोमलता से पेश आना। सही धुलाई, सही स्टोरेज और थोड़ी सी देखभाल से आपके ऊनी कपड़े कई सर्दियां आपका साथ निभा सकते हैं।















