उत्तराखंड में मौसम ने दोहरा रंग दिखाना शुरू कर दिया है। एक तरफ ऊंचे हिमालयी इलाकों में बर्फबारी की दस्तक हो चुकी है, तो दूसरी तरफ मैदानी जिले पूरी तरह शुष्क बने हुए हैं। Uttarakhand weather update snowfall के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले शिखरों पर हल्की बर्फबारी के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अंदेशा है।
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के मौसम को लेकर दोहरा पूर्वानुमान जारी किया है। पहाड़ों में अचानक मौसम बदलने और पारे में गिरावट के चलते प्रशासन ने ऊंचाई वाले इलाकों में स्थानीय लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने को कहा है। शाम ढलते ही ठंडी हवाएं चलने से कंपकंपी बढ़ गई है, और पहाड़ी जनपदों में सुबह-शाम गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
Uttarakhand weather update snowfall: 3500 मीटर से ऊपर बर्फबारी और बिजली का खतरा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश के उच्च हिमालयी जनपदों में दोपहर बाद या शाम के वक्त गरजदार बादल विकसित हो सकते हैं। विशेष रूप से 3500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की वर्षा के साथ ताजा हिमपात की संभावना जताई गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।
हालांकि मौसम विभाग ने कोई औपचारिक भारी अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन बदलते मिजाज को देखते हुए पहाड़ी बस्तियों और ट्रैकिंग रूटों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। दरअसल, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के ऊंचे शिखरों पर बर्फबारी की दस्तक के साथ ही स्थानीय प्रशासन ने भी बदलते हालात पर नजर बनाए रखी है।
हरिद्वार और उधम सिंह नगर में पूरी तरह शुष्क मौसम
एक तरफ जहां ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ रही है, वहीं राज्य के मैदानी इलाके पूरी तरह शुष्क रहेंगे। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में बारिश के कोई आसार नहीं हैं और आसमान पूरी तरह साफ बना रहेगा।
जानकारों का कहना है कि अगर ऊंचे इलाकों में बारिश और बर्फबारी का यह क्रम जारी रहा, तो अक्टूबर के मध्य में ही पहाड़ों पर कड़ाके की ठंड समय से पहले शिकंजा कस सकती है। बहरहाल, यात्रियों और ट्रैकर्स को सलाह दी गई है कि ऊंचाई वाले रूटों पर निकलने से पहले मौसम का ताजा हाल जरूर जान लें।
गौरतलब है कि अक्टूबर का महीना उत्तराखंड में पर्यटन और ट्रैकिंग के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। केदारनाथ-बद्रीनाथ समेत चारधाम यात्रा के अंतिम चरण और बुग्यालों में ट्रैकिंग के लिए बड़ी संख्या में सैलानी पहाड़ों का रुख करते हैं। ऐसे में अचानक बदले मौसम ने होटल कारोबारियों और टूर ऑपरेटरों की चिंता भी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऊंचाई वाले गांवों में सर्दियों की तैयारियां समय से पहले शुरू करनी पड़ सकती हैं, क्योंकि शुरुआती बर्फबारी के बाद तापमान में तेज गिरावट का क्रम अकसर लंबा खिंच जाता है।
मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल किसी बड़ी आपदा का अलर्ट नहीं है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत है। बिजली गिरने की आशंका वाले इलाकों में खुले में काम करने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।









