देहरादून। उत्तराखंड में महीनों से चली विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की लंबी प्रशासनिक कवायद शनिवार को अंतिम मुकाम पर पहुंची। राज्य निर्वाचन महकमे ने अंतिम मतदाता सूची (final voter list Uttarakhand) सार्वजनिक कर दी है, जिसमें कुल 71 लाख 58 हजार 949 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। एक जुलाई 2026 की अहर्ता तिथि के आधार पर तैयार इस सूची से मृत, स्थानांतरित और दोहरे नामों को हटाने के बाद यही फाइनल आंकड़ा सामने आया है। चुनावी लिहाज से यह सूची अब दलों की रणनीति का आधार बनेगी।
असल में यह आंकड़ा महज एक संख्या नहीं, बल्कि जून से सितंबर तक चले उस सघन सत्यापन अभियान का नतीजा है, जिसमें बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर लाखों नामों की पड़ताल की। करीब तीन महीने की जांच-पड़ताल के बाद जो तस्वीर उभरी है, वह प्रदेश की बदलती जनसांख्यिकी और मतदाता संरचना को भी बयान करती है।
Final Voter List Uttarakhand: 79.60 लाख से 71.58 लाख तक का पूरा हिसाब
बताया जा रहा है कि जब 8 जून को पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई थी, तब प्रदेश में कुल 79 लाख 60 हजार 762 मतदाता पंजीकृत थे। इसके बाद बीएलओ ने गणना फॉर्म बांटे और भौतिक सत्यापन का दौर शुरू किया। 14 जुलाई को जारी ड्राफ्ट सूची में मतदाताओं की संख्या घटकर 71 लाख 33 हजार 785 रह गई। इसके बाद 13 अगस्त तक आम जनता और राजनीतिक दलों से दावे-आपत्तियां मांगी गईं, जिनका 28 सितंबर तक विधिवत निस्तारण किया गया। अंतिम पड़ताल में 1 लाख 29 हजार 872 नए योग्य नागरिकों को सूची में जोड़ा गया, जबकि नियमों के तहत अपात्र पाए गए 1 लाख 4 हजार 708 नामों को विलोपित कर दिया गया।
अंतिम सूची के लैंगिक आंकड़े भी दिलचस्प हैं। पुरुष मतदाताओं की संख्या 37 लाख 37 हजार 701 है, जबकि महिला मतदाता 34 लाख 21 हजार 36 हैं। थर्ड जेंडर के 212 मतदाता भी सूची में शामिल हैं। 18-19 वर्ष आयु वर्ग के युवा वोटरों की संख्या 72 हजार 656 दर्ज की गई है, वहीं 80 वर्ष से अधिक आयु के 1 लाख 22 हजार 892 वरिष्ठ नागरिक भी मतदाता सूची का हिस्सा हैं। राज्यभर में 12 हजार 543 मतदान केंद्र सक्रिय हैं, जहां यही चुनावी मशीनरी काम करेगी।
नाम कट गया है तो घबराएं नहीं, यहां करें चेक
जिन नागरिकों का नाम सूची से बाहर हो गया है, उनके लिए विभाग ने साफ किया है कि यह अंतिम पड़ाव नहीं है। कोई भी पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल voter.eci.gov.in या राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर जाकर तत्काल अपना नाम और मतदान केंद्र जांच सकता है। इसके अलावा संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और बूथ के बीएलओ कार्यालय में भी यह सूची मुद्रित रूप में उपलब्ध करा दी गई है। जिन लोगों का नाम किसी कारणवश छूट गया है, वे चुनाव आयोग के ‘ईसीआई नेट’ (ECINet) मोबाइल ऐप से ऑनलाइन फॉर्म 6 भर सकते हैं। ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी खुली रखी गई है।
इस बार आयोग ने उन मतदाताओं के लिए सुरक्षा कवच तैयार किया है जिनके नाम पहले दर्ज थे मगर पुनरीक्षण में हट गए। निर्देश स्पष्ट हैं कि बीएलओ पुरानी और मौजूदा दोनों सूचियों को आमने-सामने रखकर मिलान करेंगे। जिन वोटरों के नाम पहले थे और अब गायब हैं, बीएलओ खुद उनके घर का दरवाजा खटखटाएंगे। मौके पर स्थिति देखकर यदि व्यक्ति वहां सामान्य रूप से रह रहा है और पात्र है, तो तुरंत फॉर्म 6 भरवाया जाएगा। यह व्यवस्था 18 वर्ष पूरे करने वाले नए युवाओं पर भी समान रूप से लागू होगी।
हाशिए के तबकों के लिए विशेष रजिस्ट्रेशन कैंप
यह बूथवार सूची मान्यता प्राप्त दलों के बूथ लेवल एजेंटों और पार्टी प्रतिनिधियों से भी साझा की जाएगी। चुनावी प्रक्रिया में उपेक्षित तबकों को जोड़ने के लिए प्रशासन ने एक संवेदनशील पहल की है। रैन बसेरों, लेबर कॉलोनियों और फुटपाथों पर रहने वाले बेघर लोगों के लिए विशेष ऑन-साइट रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए जाएंगे, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे। कुल मिलाकर यह सूची राज्य की चुनावी तैयारियों का बड़ा पड़ाव है। आम मतदाता के लिए सलाह यही है कि चुनाव से पहले ही अपना नाम और बूथ जरूर जांच लें, ताकि मतदान के दिन कोई दिक्कत न हो।












