देहरादून। पटेलनगर थाना क्षेत्र के हरभजवाला में किराए के फ्लैट की आड़ में चल रहे एक सेक्स रैकेट का दून पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है (Dehradun sex racket busted)। एक अक्टूबर की रात मुखबिर की पुख्ता सूचना पर गठित विशेष टीम ने नीलकंठ एनक्लेव के इस ठिकाने पर सुनियोजित तरीके से औचक छापेमारी कर गिरोह के मुख्य सरगना समेत तीन महिलाओं और तीन पुरुषों को गिरफ्तार किया। इस पूरी कार्रवाई का सबसे संवेदनशील पहलू यह रहा कि पुलिस ने कमरे में बंधक बनाकर रखी गई दिल्ली की एक नाबालिग किशोरी को सकुशल रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति की निगरानी में सुरक्षित पहुंचा दिया।
दरअसल, पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क वॉट्सऐप कैटलॉग के जरिए ऑन-डिमांड चल रहा था। ग्राहकों को तस्वीरें भेजकर सौदा तय किया जाता और मांग के मुताबिक दिल्ली के विभिन्न इलाकों से युवतियों को देहरादून बुलवाया जाता था। ग्राहक की पसंद पर युवतियों को या तो इसी किराए के ठिकाने पर रखा जाता या फिर तय होटलों और निजी फार्महाउसों में भेजा जाता था। छापेमारी के दौरान मौके से 18 हजार रुपये की नकदी, दवाइयां और आपत्तिजनक सामान जब्त किया गया है।
मसूरी घुमाने के झांसे पर दिल्ली से लाई गई थी नाबालिग
नाबालिग पीड़िता की दास्तान सुनकर पुलिस कर्मी भी स्तब्ध रह गए। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अभिषेक (35 वर्ष, निवासी महावीर नगर, दिल्ली) ने पीड़िता को मसूरी की हसीन वादियों में घुमाने का झांसा दिया था। लड़की इस झांसे में आकर दिल्ली से देहरादून तो आ गई, मगर यहां पहुंचते ही उसे हरभजवाला के फ्लैट में कैद कर दिया गया। जब किशोरी से देह व्यापार के लिए दबाव बनाया गया और उसने स्पष्ट इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उसे जबरन एक कमरे में बंद कर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पुलिस टीम के समय पर पहुंचने से पीड़िता किसी बड़ी अनहोनी का शिकार होने से बाल-बाल बच गई।
परिवार की आड़ में किराए का फ्लैट, वॉट्सऐप से सौदा
रैकेट के मुख्य संचालक मनीष कुमार लखेड़ा (42 वर्ष, मूल निवासी हरभजवाला) ने पूछताछ में कबूला कि उसने रिहायशी इलाके में परिवार की आड़ जैसा माहौल बनाकर मकान किराए पर लिया था, ताकि पड़ोसियों को कोई शक न हो। वह ग्राहकों से सीधे मोबाइल और वॉट्सऐप के जरिए संपर्क साधता था। ग्राहकों को तस्वीरें भेजकर सौदा तय किया जाता और डिमांड के मुताबिक दिल्ली के शंकरपुर, संगम विहार और कल्याणपुरी जैसे इलाकों से युवतियों को देहरादून बुलवाया जाता था। स्थानीय लोगों के अनुसार रिहायशी इलाके में इस तरह के ठिकाने का खुलासा सभी के लिए हैरान करने वाला रहा।
Dehradun sex racket busted: बीएनएस और पॉक्सो की संगीन धाराओं में केस दर्ज
इस नेटवर्क में मनीष और अभिषेक के अलावा बड़ोवाला निवासी भानू उर्फ सिद्धांत तथा दिल्ली की तीन अन्य महिलाएं ममता (28), नेहा (24) और सुमन (24) सक्रिय रूप से संलिप्त पाई गईं। पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने सभी छह आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 704/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 96, 99, 127(2), 3(5), पॉक्सो अधिनियम की धारा 14(5) तथा अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा 3/4/5/11 के तहत गंभीर अभियोग पंजीकृत किया है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अब आईएसबीटी और पटेलनगर से सटे रिहायशी इलाकों में सघन किरायेदार सत्यापन अभियान चलाने के संकेत दिए हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए किरायेदारों के सत्यापन और संदिग्ध ठिकानों की निगरानी को और कड़ा किया जाएगा, ताकि रिहायशी इलाकों की आड़ में इस तरह का धंधा दोबारा पनप न सके।












