राजधानी देहरादून में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए दून पुलिस ने शनिवार और रविवार की दरमियानी रात एक बड़ा अभियान छेड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के बाद पुलिस महकमे ने नगर से लेकर देहात तक एक साथ कई इलाकों में दबिश दी। इस विशेष अभियान को ‘ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक’ (Operation Night Strike Dehradun) नाम दिया गया था, जिसके तहत प्रमुख मार्गों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक पुलिस का कड़ा पहरा नजर आया।
अभियान के दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के विभिन्न होटलों, बार, पब और रेस्तरां में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए प्रतिष्ठानों के दस्तावेजों और वहां मौजूद लोगों की संलिप्तता की जांच की गई। पुलिस अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर नकेल कसना और यह सुनिश्चित करना था कि तय नियमों का सख्ती से पालन हो रहा है।
दरअसल, रात के समय होटलों, पबों और रेस्तरां में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाना इस अभियान का अहम मकसद था। पुलिस टीमें न सिर्फ दस्तावेजों की जांच कर रही थीं, बल्कि वहां मौजूद लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही थी। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिष्ठान संचालकों को भी सख्त संदेश दिया गया।
बताया जा रहा है कि इस औचक अभियान में पुलिस की कई टीमें एक साथ मैदान में उतरी थीं। नगर क्षेत्र से लेकर देहात तक फैले इस अभियान के दौरान हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की गई।
1800 से ज्यादा वाहनों की जांच, करीब दो हजार लोगों से पूछताछ
चेकिंग के दौरान पुलिस टीमों ने 1800 से ज्यादा वाहनों की बारीकी से जांच की। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग दो हजार लोगों को रोककर उनसे पूछताछ की गई। सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने वाले और अनावश्यक रूप से घूम रहे 35 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। पुलिस ने इन सभी संदिग्धों के दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद 81 पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की।
नशे में गाड़ी चलाने वालों पर सबसे बड़ी गाज
सड़क सुरक्षा को ताक पर रखकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। अभियान के दौरान शराब के नशे में गाड़ी दौड़ा रहे 18 वाहन चालकों को गिरफ्तार किया गया और उनके वाहन सीज कर दिए गए। इसके अलावा, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य चालकों पर भी जुर्माना लगाया गया, जिससे वाहन चालकों में हड़कंप मच गया है।
Operation Night Strike Dehradun से असामाजिक तत्वों में खौफ
पुलिस के इस बड़े अभियान ने साफ संकेत दिए हैं कि राजधानी में देर रात घूमने वालों पर अब कड़ी नजर रहेगी। प्रमुख मार्गों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक दिखा पुलिस का यह कड़ा पहरा असामाजिक तत्वों के लिए सीधी चेतावनी माना जा रहा है। एक ही रात में नगर से देहात तक हुई इस कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस महकमा कितना गंभीर है।
कुल मिलाकर ‘ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक’ दून पुलिस की उस मुहिम का नाम बन गया है, जिसमें एक ही रात में हजारों वाहनों की जांच, दो हजार लोगों से पूछताछ और दर्जनों गिरफ्तारियां हुईं। अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा — दोनों ही मोर्चों पर पुलिस की यह सख्ती रातभर जारी रही।












