दीवाली का त्योहार आते ही घरों में रौनक छा जाती है — मिठाइयाँ, पकवान, मेहमान और खूब सारी खुशियाँ। लेकिन इसी मस्ती के बीच हमारी सेहत अक्सर पीछे छूट जाती है। ज्यादा मीठा, तली-भुनी चीजें, देर रात तक जागना और बिगड़ा हुआ रूटीन त्योहार के बाद थकान और सेहत संबंधी दिक्कतें दे सकता है। अच्छी खबर यह है कि थोड़ी सी समझदारी से आप त्योहार का पूरा मजा भी ले सकते हैं और सेहतमंद भी रह सकते हैं।
मिठास में रखें संतुलन
त्योहारों पर मिठाई से परहेज करना मुश्किल है, और जरूरी भी नहीं। बस मात्रा का ध्यान रखें — एक बार में एक-दो टुकड़े ही खाएं और दिन भर में बार-बार मीठा खाने से बचें। घर की बनी मिठाइयाँ बाजार की तुलना में बेहतर होती हैं क्योंकि उनमें आप चीनी और घी की मात्रा खुद तय कर सकते हैं। डायबिटीज या वजन की समस्या वाले लोग डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही मीठा खाएं।
तली-भुनी चीजों से थोड़ी दूरी
समोसे, पकौड़े और मठरी जैसे स्नैक्स स्वादिष्ट जरूर होते हैं, लेकिन इनमें तेल और कैलोरी ज्यादा होती है। इन्हें पूरी तरह छोड़ने के बजाय कम मात्रा में खाएं और साथ में सलाद या छाछ जैसी हल्की चीजें लें। खाना तलने के लिए एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल न करें।
नींद और आराम न भूलें
त्योहार की तैयारियों और मेहमानों के बीच नींद सबसे पहले प्रभावित होती है। लेकिन कम नींद से थकान, चिड़चिड़ापन और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ती हैं। रोज 7-8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें, चाहे सोने का समय थोड़ा आगे-पीछे ही क्यों न हो।
पानी पिएं, पाचन दुरुस्त रखें
भारी खाने के साथ पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है। दिन भर में 8-10 गिलास पानी पिएं। खाने के बाद थोड़ी सैर करना पाचन में मदद करता है। अगर एसिडिटी हो तो तला-भुना और बहुत मसालेदार खाना कम कर दें और हल्का भोजन लें।









